चिंतन शिविर 3.0 से सुशासन का नया रोडमैप तैयार करेगी सरकार, CM विष्णु देव साय बोले- तकनीक, पारदर्शिता और नवाचार पर रहेगा फोकस

रायपुर, 4 जुलाई 2026
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि चिंतन शिविर 3.0 का उद्देश्य शासन-प्रशासन को अधिक प्रभावी, आधुनिक, पारदर्शी और जनहितैषी बनाते हुए विकसित छत्तीसगढ़ के लिए दूरदर्शी नीतियों की मजबूत आधारशिला तैयार करना है। आईआईएम रायपुर में सुशासन एवं अभिसरण विभाग और आईआईएम रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय मंत्रिमंडल चिंतन शिविर में मुख्यमंत्री, मंत्रिपरिषद के सदस्य और देश के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने शासन के विभिन्न विषयों पर व्यापक मंथन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चिंतन शिविर केवल विचार-विमर्श का मंच नहीं, बल्कि शासन की कार्यसंस्कृति में सुधार और नवाचार का प्रभावी माध्यम बन चुका है। पिछले दो संस्करणों में मिले सुझावों को सरकार ने धरातल पर लागू किया, जिसके सकारात्मक परिणाम अब प्रशासनिक व्यवस्था में स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि शासन में तकनीक, पारदर्शिता, जवाबदेही और जनसरोकार को केंद्र में रखकर आगे बढ़ना ही सरकार का लक्ष्य है।
शिविर के पहले दिन नेतृत्व विकास, सुशासन, उभरती प्रौद्योगिकियों और कृषि समृद्धि जैसे विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए गए। प्रसिद्ध आध्यात्मिक चिंतक गौर गोपाल दास ने नेतृत्व, भावनात्मक संतुलन, सेवा-भाव और जनप्रतिनिधियों की नैतिक जिम्मेदारियों पर अपने विचार साझा करते हुए मूल्य आधारित नेतृत्व और संवेदनशील प्रशासन को प्रभावी सुशासन की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया।
नीति आयोग के सदस्य प्रो. अभय करंदीकर ने इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज़ विषय पर संबोधित करते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, 5जी, ड्रोन, जियोस्पेशियल टेक्नोलॉजी, ब्लॉकचेन और डेटा आधारित प्रशासन के जरिए शासन व्यवस्था को अधिक दक्ष, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने की संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने तकनीक आधारित सेवा वितरण, रोजगार सृजन और डिजिटल समावेशन के अवसरों पर भी चर्चा की।
“कृषि से समृद्धि” विषयक सत्र में कृषि अर्थशास्त्री डॉ. रमेश चंद और कृषि विशेषज्ञ टी. विजय कुमार ने प्राकृतिक खेती, जलवायु अनुकूल कृषि, फसल विविधीकरण, मूल्य संवर्धन, बाजार संपर्क और तकनीक आधारित कृषि सुधारों पर अपने अनुभव साझा किए। विशेषज्ञों ने किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई व्यावहारिक सुझाव भी दिए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले चिंतन शिविरों से मिले सुझावों के आधार पर मंत्रालय में ई-ऑफिस प्रणाली, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 और सेवा सेतु जैसे महत्वपूर्ण नवाचार लागू किए गए। वर्तमान में सेवा सेतु के माध्यम से 36 विभागों की 520 से अधिक सेवाएं नागरिकों को ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे लोगों को सरल, त्वरित और पारदर्शी सेवाएं मिल रही हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विश्वास जताया कि चिंतन शिविर 3.0 से प्राप्त सुझाव सुशासन, तकनीक आधारित प्रशासन, कृषि सुधार, विभागीय समन्वय और जनसेवा के नए मानक स्थापित करेंगे। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 के संकल्प के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए सरकार नवाचार, ज्ञान और प्रभावी नीति-निर्माण को निरंतर बढ़ावा देती रहेगी।




