7.14 लाख तेन्दूपत्ता संग्राहकों को 162.32 करोड़ की सौगात, केदार कश्यप बोले- वनवासियों की समृद्धि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता

रायपुर, 3 जुलाई 2026
सहकारिता सप्ताह एवं अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में वर्ष-2023 के 7.14 लाख तेन्दूपत्ता संग्राहकों के लिए 162.32 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन पारिश्रमिक राशि के वितरण का शुभारंभ किया गया। इस दौरान उत्कृष्ट तेन्दूपत्ता संग्राहकों, वन धन विकास समितियों और महिला स्व-सहायता समूहों को सम्मानित किया गया।
वन एवं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि तेन्दूपत्ता केवल एक वनोपज नहीं, बल्कि लाखों वनवासी परिवारों की आजीविका और आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि वनवासियों की मेहनत का लाभ सीधे उनके खातों तक पहुंचे, जिससे वनोपज आधारित अर्थव्यवस्था लगातार मजबूत हो रही है।
उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ अब केवल तेन्दूपत्ता व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश के 13.50 लाख लघु वनोपज संग्राहक परिवारों के आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक उत्थान का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। संग्राहकों को पारिश्रमिक, लाभांश, छात्रवृत्ति, सामाजिक सुरक्षा, चरणपादुका वितरण तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी जैसी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है।
केदार कश्यप ने कहा कि सरकार इमली, महुआ, साल बीज, हर्रा, बहेरा और चिरौंजी जैसे लघु वनोपजों के मूल्य संवर्धन, प्रसंस्करण और विपणन पर विशेष जोर दे रही है। प्रदेश में संचालित 155 वन धन विकास केन्द्र स्थानीय महिलाओं और स्व-सहायता समूहों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध करा रहे हैं।
कार्यक्रम में गरियाबंद, महासमुंद और कटघोरा के उत्कृष्ट तेन्दूपत्ता संग्राहकों को सम्मानित किया गया। वहीं नारायणपुर, जशपुर, जगदलपुर, गरियाबंद और कटघोरा की पांच उत्कृष्ट वन धन विकास समितियों को ‘सहकार प्रेरणा पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। इसके अलावा महिला स्व-सहायता समूहों को लाभांश राशि वितरित की गई तथा 5 नए हर्बल उत्पादों का लोकार्पण और ‘वन धन विकास केन्द्र : आदिवासी सशक्तिकरण की बदलती तस्वीर, छत्तीसगढ़’ पुस्तक का विमोचन भी किया गया।




