छत्तीसगढ़

सहकारिता सप्ताह को जनआंदोलन बनाने की तैयारी, 29 जून से 6 जुलाई तक पूरे प्रदेश में होंगे कार्यक्रम

रायपुर, 24 जून 2026

भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के पांच वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर 29 जून से 6 जुलाई 2026 तक आयोजित होने वाले सहकारिता सप्ताह की तैयारियों को लेकर नवा रायपुर स्थित निवास कार्यालय में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने की। उन्होंने विभागीय अधिकारियों तथा विभिन्न सहकारी संस्थाओं और महासंघों के प्रतिनिधियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

बैठक को संबोधित करते हुए मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में देश में सहकारिता क्षेत्र को नई पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि सहकारिता किसानों की समृद्धि, ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का प्रभावी माध्यम बन चुकी है।

मंत्री ने निर्देश दिए कि सहकारिता सप्ताह को केवल औपचारिक आयोजन तक सीमित न रखकर जनभागीदारी का अभियान बनाया जाए। इसके लिए प्रदेश के सभी जिलों, विकासखंडों और सहकारी समितियों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे तथा किसानों, युवाओं, महिलाओं और आम नागरिकों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सप्ताहभर चलने वाले कार्यक्रमों में जागरूकता, सहभागिता और नवाचार को प्राथमिकता दी जाए। लोगों को सहकारी योजनाओं, उपलब्धियों और उनके लाभों की जानकारी दी जाए ताकि अधिक से अधिक लोग सहकारिता आंदोलन से जुड़ सकें।

मंत्री कश्यप ने किसानों, महिला स्व-सहायता समूहों, दुग्ध उत्पादकों, मत्स्य पालकों, वनोपज संग्राहकों और हस्तशिल्पियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे सहकारिता आंदोलन को और मजबूती मिलेगी।

बैठक में राज्य स्तरीय प्रदर्शनी की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदर्शनी में केवल आंकड़ों के बजाय सहकारिता से लाभान्वित हितग्राहियों की सफलता की कहानियां, नवाचार और जमीनी उपलब्धियां प्रमुखता से प्रदर्शित की जाएं।

उन्होंने कहा कि सहकारी संस्थाओं को आधुनिक तकनीक, डिजिटल सेवाओं, मूल्य संवर्धन और बेहतर विपणन व्यवस्था से जोड़ना समय की आवश्यकता है। सहकारिता सप्ताह के दौरान इन विषयों पर विशेष प्रदर्शन और चर्चा भी आयोजित की जाएगी।

बैठक में जिला सहकारी बैंक, प्राथमिक कृषि साख समितियां, विपणन संघ, दुग्ध महासंघ, मत्स्य महासंघ, लघुवनोपज संघ और अन्य सहकारी संस्थाओं की भूमिका एवं उपलब्धियों की समीक्षा की गई। सभी संस्थाओं से अपनी उपलब्धियों और भावी योजनाओं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का आग्रह किया गया।

मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि “सहकार से समृद्धि” केवल एक नारा नहीं, बल्कि विकास की कार्यसंस्कृति का आधार है। हमारा लक्ष्य है कि सहकारिता का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी सहकारी राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बनाए।

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