बंगाल में TMC में बगावत तेज: बागी विधायकों ने खुद को बताया असली पार्टी, 50 विधायकों के समर्थन का दावा

कोलकाता , 3 जून 2026
पश्चिम बंगाल की राजनीति में बुधवार को बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला। TMC के बागी विधायक रितब्रता बनर्जी और संदीपन साहा विधानसभा पहुंचे और खुद को असली तृणमूल कांग्रेस बताते हुए करीब 50 विधायकों के समर्थन का दावा किया। बागी गुट ने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र सौंपकर नेता प्रतिपक्ष के चुनाव को लेकर अपनी दावेदारी भी पेश की।
सूत्रों के मुताबिक बागी खेमे ने रितब्रता बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष के रूप में प्रस्तावित किया है। वहीं बागी विधायकों का कहना है कि उनके साथ दो-तिहाई से अधिक विधायकों का समर्थन है। हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
बागी गुट के नेताओं का आरोप है कि पार्टी में वरिष्ठ नेताओं की अनदेखी की जा रही है। कई विधायक और नेता पार्टी की मौजूदा स्थिति के लिए अभिषेक बनर्जी की कार्यशैली को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। उन पर परिवारवाद, वरिष्ठ नेताओं को किनारे करने और संगठनात्मक फैसलों को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
इस बीच TMC के निष्कासित नेता रिजू दत्ता ने भी दावा किया है कि करीब 50 विधायक बागी गुट के संपर्क में हैं और पार्टी के चुनाव चिह्न पर दावा करने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बागी विधायक एकजुट होकर विधानसभा अध्यक्ष के सामने अपना पक्ष रखेंगे।
बताया जा रहा है कि पार्टी में असंतोष की शुरुआत सिग्नेचर फर्जीवाड़ा विवाद के बाद हुई। नेता प्रतिपक्ष के समर्थन को लेकर सौंपी गई सूची में कथित फर्जी हस्ताक्षरों के आरोपों ने विवाद को और बढ़ा दिया। इसी मुद्दे को लेकर आवाज उठाने वाले रितब्रता बनर्जी और संदीपन साहा को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था।
अब बागी गुट के दावों और TMC नेतृत्व की प्रतिक्रिया पर पूरे राज्य की नजरें टिकी हुई हैं। यदि बागी विधायक अपने समर्थन के दावे को साबित करने में सफल होते हैं तो यह पार्टी नेतृत्व के लिए बड़ा राजनीतिक झटका साबित हो सकता है।




