“एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के बीच मैलबेड़ा जंगल में अवैध कटाई का आरोप, वन विभाग की कार्रवाई पर उठे सवाल

बकावंड, 02 जून 2026
सरकार द्वारा पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण को बढ़ावा देने के लिए चलाए जा रहे “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के बीच बकावंड ब्लॉक के ग्राम पंचायत मैलबेड़ा स्थित जंगल में कथित अवैध पेड़ कटाई का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने वन विभाग की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार पिछले लगभग एक माह से उड़ीसा से आए चार लोग जंगल क्षेत्र में लगातार पेड़ों की कटाई कर रहे थे। आरोप है कि इस गतिविधि के पीछे करपावंड और सोनपुर क्षेत्र के कुछ लोगों की भूमिका हो सकती है, जो जंगलों से लकड़ी निकलवाने का कार्य करवा रहे थे।
ग्रामीणों का कहना है कि मामले की सूचना वन विभाग को दी गई थी, जिसके बाद विभागीय अमला मौके पर पहुंचा और लकड़ी कटाई में उपयोग किए जा रहे आरा को जब्त कर लिया। हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि कथित रूप से कटाई में शामिल लोगों के खिलाफ कोई ठोस कानूनी कार्रवाई नहीं की गई।
जानकारी के मुताबिक मोखागांव के एक व्यक्ति को नाकेदार के माध्यम से जंगल में चल रही कटाई की सूचना मिली थी। इसके बाद जंगल समिति के अध्यक्ष ने भी वन अधिकारियों को मामले से अवगत कराया। बावजूद इसके, वन अधिनियम के तहत प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी है।
ग्रामीणों का आरोप है कि यदि समय रहते सख्त कदम उठाए जाते तो जंगलों को नुकसान से बचाया जा सकता था। उन्होंने जंगल माफिया की सक्रियता और वन संपदा की अवैध तस्करी पर चिंता जताते हुए विभागीय लापरवाही अथवा संभावित मिलीभगत की आशंका भी व्यक्त की है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
ग्रामीणों ने प्रशासन और वरिष्ठ वन अधिकारियों से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, अवैध कटाई में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने तथा किसी अधिकारी की लापरवाही सामने आने पर विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।
एक ओर सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर वृक्षारोपण अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर जंगलों में कथित अवैध कटाई की घटनाओं ने वन संरक्षण के प्रयासों की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब ग्रामीण पूरे मामले में जवाबदेही तय करने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।




