नीदरलैंड के पीएम के बयान पर भारत का करारा जवाब, कहा- “समझ की कमी की वजह से उठते हैं ऐसे सवाल”

नई दिल्ली,18/05/26। नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब जेटन द्वारा भारत में प्रेस की आजादी और अल्पसंख्यकों के अधिकारों को लेकर जताई गई चिंता पर भारत ने कड़ा जवाब दिया है। विदेश मंत्रालय ने साफ शब्दों में कहा कि इस तरह की टिप्पणियां भारत के लोकतंत्र और सामाजिक संरचना की अधूरी समझ को दर्शाती हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नीदरलैंड दौरे के दौरान एक डच पत्रकार ने संयुक्त प्रेस वार्ता नहीं होने को लेकर सवाल उठाया था। इसी दौरान प्रेस की स्वतंत्रता और अल्पसंख्यकों के अधिकारों को लेकर डच प्रधानमंत्री की चिंताओं का भी जिक्र किया गया।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने कहा कि भारत एक जीवंत लोकतंत्र है, जहां सभी को अपनी बात रखने की पूरी स्वतंत्रता है। उन्होंने कहा, “हम इस तरह के सवालों का सामना इसलिए करते हैं, क्योंकि सवाल पूछने वाले व्यक्ति में समझ की कमी होती है।”
सिबी जॉर्ज ने भारत की 5 हजार साल पुरानी सभ्यता, सांस्कृतिक विविधता और लोकतांत्रिक मूल्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत में सभी धर्मों, भाषाओं और समुदायों का सम्मान किया जाता है। उन्होंने कहा कि भारत को लेकर इस प्रकार की चिंताएं देश के इतिहास और लोकतांत्रिक ढांचे की अधूरी जानकारी के कारण पैदा होती हैं।
दरअसल, डच अखबार ‘डी वोल्क्सक्रांट’ के मुताबिक, नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब जेटन ने भारत में प्रेस की स्वतंत्रता और धार्मिक अल्पसंख्यकों के अधिकारों को लेकर चिंता जताई थी। भारत ने इन टिप्पणियों को सिरे से खारिज करते हुए अपनी लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत और समावेशी बताया है।




