75 साल बाद चिरमिरी में पहुंचेगी सरकारी बिजली, ₹53 करोड़ की योजना से बदलेगी तस्वीरQ

चिरमिरी शहर के लिए एक ऐतिहासिक बदलाव की शुरुआत होने जा रही है। दशकों से सरकारी बिजली सुविधा से वंचित रहे एसईसीएल क्षेत्र के हजारों परिवारों को अब पहली बार छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) की बिजली मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के संकल्प और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के प्रयासों से यह बहुप्रतीक्षित योजना अब जमीन पर उतरने लगी है।
करीब 75 वर्षों से कोयला खदान क्षेत्र में रहने वाले लोग केवल खदानों की अस्थायी बिजली व्यवस्था पर निर्भर थे। बार-बार बिजली कटौती और सीमित सुविधा के कारण स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। अब मुख्यमंत्री शहरी विद्युतीकरण योजना के तहत इस समस्या का स्थायी समाधान किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, 30 मार्च 2026 को राज्य शासन द्वारा ₹53.08 करोड़ की राशि चिरमिरी नगर निगम को आवंटित की गई थी। पुराने बजट की शेष ₹0.49 करोड़ राशि को मिलाकर कुल ₹53.57 करोड़ की लागत से वर्ष 2026-27 में विद्युत अधोसंरचना विकास कार्य शुरू किए जाएंगे।
इस परियोजना के तहत चिरमिरी के सभी वार्डों में CSPDCL का पूर्ण बिजली नेटवर्क बिछाया जाएगा। डोमनहिल, गेल्हापानी, कोरिया कॉलरी और पोड़ी जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में भी अब सरकारी बिजली पहुंच सकेगी, जहां अब तक यह केवल एक सपना माना जाता था।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह केवल बिजली आपूर्ति नहीं, बल्कि क्षेत्र के लोगों को उनका अधिकार दिलाने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि वर्षों से अधूरी उम्मीद अब पूरी होने जा रही है।
स्थानीय लोगों के लिए यह योजना सिर्फ रोशनी नहीं, बल्कि बेहतर जीवन, सुरक्षा और विकास की नई उम्मीद लेकर आई है। चिरमिरी की जनता अब उस बदलाव की गवाह बनने जा रही है, जिसका इंतजार पीढ़ियों से किया जा रहा था।




