छत्तीसगढ़

सुशासन तिहार 2026: दुर्गम पहाड़ों पर बाइक से पहुंचे कलेक्टर-एसपी, चौपाल लगाकर सुनी ग्रामीणों की समस्याएं

सुकमा। छत्तीसगढ़ सरकार के सुशासन तिहार 2026 अभियान के तहत प्रशासन अब दफ्तरों से निकलकर सीधे सुदूर वनांचलों तक पहुंच रहा है। इसी कड़ी में सुकमा जिले में कलेक्टर अमित कुमार और पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण ने संवेदनशील प्रशासन की अनोखी मिसाल पेश की। दोनों अधिकारी करीब 30 किलोमीटर लंबे उबड़-खाबड़ और दुर्गम रास्तों को बाइक से पार कर पहुंचविहीन गांव गोंडेरास और नीलावाया पहुंचे।

प्रशासन का यह दौरा ग्रामीणों के लिए खास बन गया, क्योंकि पहली बार किसी कलेक्टर और एसपी ने बिना किसी प्रोटोकॉल के गांव पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुनीं और मौके पर समाधान भी किया।

इमली के पेड़ के नीचे लगी चौपाल

गोंडेरास गांव में अधिकारियों ने किसी मंच की बजाय इमली के पेड़ की छांव में खाट पर बैठकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। गांव वालों ने सोलर प्लेट खराब होने की शिकायत की, जिस पर कलेक्टर ने तुरंत क्रेडा विभाग को सभी सोलर सिस्टम की मरम्मत के निर्देश दिए।

इसके साथ ही गांव में आंगनबाड़ी और पंचायत भवन निर्माण के लिए करीब 70 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई। खास बात यह रही कि निर्माण कार्य की जिम्मेदारी सीधे ग्राम पंचायत को सौंपी गई है।

मौके पर ही बांटे प्रमाण पत्र और किसान कार्ड

शिविर के दौरान प्रशासन ने कई मामलों का तत्काल निराकरण किया। ग्रामीणों को मौके पर ही:

  • 17 किसान क्रेडिट कार्ड
  • 12 जाति प्रमाण पत्र
  • 11 पीएम किसान प्रकरणों का निराकरण
  • 2 किसान किताब
  • 2 पटवारी प्रतिवेदन

जैसे दस्तावेज सौंपे गए।

नीलावाया में पुलिया निर्माण की घोषणा

नीलावाया गांव पहुंचकर अधिकारियों ने जमीन पर बैठकर चौपाल लगाई। ग्रामीणों ने बारिश के समय आने-जाने में होने वाली परेशानी बताई, जिस पर कलेक्टर ने तुरंत नाले पर पुलिया निर्माण की मंजूरी दे दी। इससे ग्रामीणों की करीब 15 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी कम होगी।

स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी प्रशासन सक्रिय नजर आया। 4 मोतियाबिंद मरीजों को जिला अस्पताल भेजने के निर्देश दिए गए, वहीं गर्भवती महिलाओं के सुरक्षित प्रसव को लेकर अधिकारियों को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई।

गोद भराई और जन्म प्रमाण पत्र वितरण

शिविर के दौरान 2 गर्भवती महिलाओं की गोद भराई की रस्म भी पूरी की गई। साथ ही 22 बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र मौके पर ही बनाकर परिवारों को सौंपे गए।

“कागजी नहीं, धरातली सुशासन हमारा लक्ष्य”

कलेक्टर अमित कुमार ने ग्रामीणों से कहा कि सरकार की “नियद नेल्ला नार” योजना के जरिए हर गांव तक बिजली, पानी और स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि पंचायतों को निर्माण एजेंसी बनाने से कार्यों में तेजी और पारदर्शिता आएगी।

गांव के सरपंच जोगा वंजामी ने अधिकारियों के दौरे को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि पहली बार कोई कलेक्टर बाइक से गांव तक पहुंचा है। इससे ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति भरोसा बढ़ा है।

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