धाकड़ समाज के वरिष्ठ समाजसेवी मंकुद सिंह ठाकुर पंचतत्व में विलीन, समिति ने दी श्रद्धांजलि, परिवार को आर्थिक सहयोग सौंपा

लोहंडीगुड़ा/बस्तर। धाकड़ समाज के वरिष्ठ समाजसेवी और मार्गदर्शक मंकुद सिंह ठाकुर के निधन से क्षेत्र में शोक की लहर है। “सेवा, शिक्षा और संगठन” के मूलमंत्र पर जीवनभर कार्य करने वाले ठाकुर ने समाज को संगठित और सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाई। उनके निधन को समाज ने एक युग का अंत बताया है।
जानकारी के अनुसार, 70-80 के दशक में सीमित संसाधनों के बावजूद मंकुद सिंह ठाकुर ने साइकिल और पैदल गांव-गांव जाकर समाज में जागरूकता फैलाने का कार्य किया। उन्होंने बाल विवाह, दहेज प्रथा और नशाखोरी जैसी कुरीतियों के खिलाफ अभियान चलाया। सामाजिक पंचायतों के माध्यम से उन्होंने कई पारिवारिक विवादों का समाधान कराया, जिससे समाज में एकता मजबूत हुई।
शुक्रवार को धाकड़ समाज कल्याण समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों ने उनके निवास पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान तैलचित्र पर पुष्पांजलि दी गई और दो मिनट का मौन रखकर आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। श्रद्धांजलि सभा में जिला अध्यक्ष नरेंद्र सिंह ठाकुर, उपाध्यक्ष तुलाराम ठाकुर, पुरन ठाकुर, बद्रीनाथ ठाकुर, सचिव राजूराम ठाकुर और ओमप्रकाश ठाकुर सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
सभा के दौरान समिति ने समाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए स्व. ठाकुर की पत्नी को आर्थिक सहयोग राशि भेंट की। पदाधिकारियों ने कहा कि मंकुद सिंह ठाकुर ने अपना पूरा जीवन समाज सेवा में समर्पित किया, ऐसे में उनके परिवार के साथ खड़ा रहना समाज का कर्तव्य है।
जिला अध्यक्ष नरेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि ठाकुर द्वारा लगाया गया सेवा का पौधा आज वटवृक्ष बन चुका है। उनके बताए मार्ग पर चलना ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
समाजजनों ने संकल्प लिया कि वे उनके अधूरे कार्यों को आगे बढ़ाते हुए “संगठित समाज, सशक्त समाज” के उद्देश्य को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।




