पापाराव के सरेंडर से नक्सल नेतृत्व खत्म: डिप्टी CM विजय शर्मा बोले- छत्तीसगढ़ अब लाल आतंक से मुक्त

रायपुर, 24 मार्च 2026। छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने दावा किया है कि कुख्यात नक्सली नेता पापाराव के आत्मसमर्पण के साथ राज्य में माओवाद का शीर्ष नेतृत्व समाप्त हो गया है और अब छत्तीसगढ़ को तकनीकी रूप से लाल आतंक से मुक्त कहा जा सकता है।
डिप्टी CM ने बताया कि पापाराव के साथ कुल 18 नक्सलियों ने सरेंडर किया है, जिनमें 10 पुरुष और 8 महिलाएं शामिल हैं। इनके पास से 8 AK-47, 1 SLR और 1 INSAS सहित अन्य हथियार बरामद किए गए हैं। पापाराव पर 25 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
उन्होंने कहा कि इस स्तर का कोई बड़ा नक्सली अब प्रदेश में सक्रिय नहीं बचा है और सरकार की पुनर्वास नीति का सकारात्मक असर दिख रहा है।
हाल के बड़े सरेंडर
- 11 मार्च 2026 को महासमुंद और बस्तर में 108 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, जिन पर कुल 3.95 करोड़ का इनाम था।
- 1 मार्च 2026 को 25 लाख के इनामी विकास उर्फ सुदर्शन समेत 15 नक्सलियों ने हथियार डाले।
- फरवरी 2026 में कांकेर में 25 लाख के इनामी कमांडर मल्लेश ने भी सरेंडर किया।
सरकार ने आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को वित्तीय सहायता, कौशल विकास और सुरक्षा देने की बात कही है, जिससे वे मुख्यधारा में वापस जुड़ सकें।




