ऑपरेशन RAGEPILL में NCB की बड़ी सफलता, 182 करोड़ की ‘जिहादी ड्रग्स’ जब्त

📍 नई दिल्ली , 16/05/26। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने Operation RAGEPILL के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए पहली बार कैप्टागॉन (Captagon) नामक ड्रग्स की बड़ी खेप जब्त की है। जब्त ड्रग्स की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 182 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
🗣️ केंद्रीय गृहमंत्री Amit Shah ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर इस कार्रवाई की जानकारी दी और NCB की सराहना की। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार “नशा मुक्त भारत” के संकल्प के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
🔳 गृहमंत्री के अनुसार, मिडिल ईस्ट भेजी जा रही इस खेप को जब्त किया गया है और मामले में एक विदेशी नागरिक को भी गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने इसे ड्रग्स के खिलाफ Zero Tolerance Policy का बड़ा उदाहरण बताया।
🔍 क्या है Captagon ड्रग?
Captagon, Fenethylline नामक एक सिंथेटिक उत्तेजक ड्रग का आम नाम है। इसे 1960 के दशक में Attention Disorders और Narcolepsy जैसी बीमारियों के इलाज के लिए विकसित किया गया था, लेकिन इसकी लत लगाने वाली प्रवृत्ति और दुरुपयोग के कारण बाद में इस पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंध लगा दिया गया।
⚠️ क्यों कहा जाता है “जिहादी ड्रग”?
Captagon को अक्सर “जिहादी ड्रग” कहा जाता है क्योंकि वेस्ट एशिया और संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में सक्रिय चरमपंथी नेटवर्क और आतंकी गुटों के साथ इसके उपयोग और तस्करी को जोड़ा जाता रहा है।
🛑 गृहमंत्री ने कहा कि भारत में प्रवेश करने वाली या देश से होकर गुजरने वाली हर ग्राम ड्रग्स पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।




