छत्तीसगढ़बस्तर संभाग

बस्तर में किसानों का गुस्सा फूटा: 300 ट्रैक्टरों के साथ जगदलपुर पहुंचे हजारों किसान, कलेक्ट्रेट घेरा; 8,500 नहीं 65,100 रुपए प्रति हेक्टेयर मुआवजा मांगा

जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर में बाढ़ से फसलों को हुए भारी नुकसान के बाद किसानों का गुस्सा शुक्रवार को सड़कों पर दिखाई दिया। पर्याप्त मुआवजा नहीं मिलने से नाराज हजारों किसानों ने 300 से अधिक ट्रैक्टरों के साथ जगदलपुर पहुंचकर बड़ा आंदोलन किया। किसानों ने पहले लालबाग मैदान में सभा कर अपनी मांगों को लेकर हुंकार भरी। इसके बाद ट्रैक्टरों के काफिले के साथ शहर की सड़कों पर प्रदर्शन करते हुए जिला कलेक्ट्रेट का घेराव किया।

करीब दो घंटे तक कलेक्ट्रेट के सामने किसानों की नारेबाजी होती रही। अपने साथ बर्बाद फसलें लेकर पहुंचे किसानों ने सरकार के खिलाफ नाराजगी जताते हुए कहा कि अब उन्हें सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि फसल नुकसान का उचित मुआवजा चाहिए। बस्तर जिले के चारों दिशाओं से पहुंचे किसानों की भीड़ ने प्रशासन के सामने अपनी परेशानी और नाराजगी जाहिर की।

फसल बर्बाद, खाने के लिए राशन तक नहीं

आंदोलन में शामिल प्रभावित किसानों का कहना है कि बाढ़ ने उनकी पूरी फसल बर्बाद कर दी है। कई गांवों में किसानों के सामने खाने-पीने की सामग्री का संकट खड़ा हो गया है। हालात ऐसे हैं कि लोगों के सामने जीवनयापन करना मुश्किल हो रहा है, लेकिन शासन-प्रशासन उनकी समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रहा है।

किसानों का कहना है कि सरकार की ओर से दी जा रही मुआवजा राशि से परिवार का राशन तक ठीक से नहीं आ पा रहा है। खेती में मजदूरी, खाद और बीज सहित कई तरह के खर्च होते हैं। फसल तैयार करने में जितनी रकम खर्च होती है, उसके मुकाबले मिलने वाला मुआवजा बेहद कम है। किसानों ने सवाल उठाया कि क्या इतनी कम राशि में सरकार किसी परिवार का जीवनयापन कर सकती है?

6 हजार हेक्टेयर में फसल नुकसान, 4 हजार हेक्टेयर के किसानों को मिला मुआवजा

मामले में अपर कलेक्टर दिलेराम दाहिरे ने बताया कि बाढ़ के कारण जिले में करीब 6 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि में फसल क्षति हुई थी। सर्वे कराने के बाद लगभग 4 हजार हेक्टेयर के प्रभावित किसानों को प्रति हेक्टेयर 8,500 रुपये की दर से मुआवजा दिया गया है।

उन्होंने बताया कि शेष करीब 2 हजार किसानों की मुआवजा राशि संबंधित दस्तावेजों और बैंक खातों से जुड़ी समस्याओं के कारण अटकी हुई है। अलग-अलग किसान संगठनों के प्रतिनिधि अपनी मांगों को लेकर पहुंचे हैं।

65,100 रुपये प्रति हेक्टेयर मुआवजे की मांग

अपर कलेक्टर के मुताबिक, किसानों की प्रमुख मांग फसल नुकसान के एवज में 65,100 रुपये प्रति हेक्टेयर मुआवजा देने की है। किसानों की मांगों को शासन स्तर पर भेजा जाएगा।

फिलहाल बाढ़ से प्रभावित किसान उचित मुआवजे की मांग पर अड़े हुए हैं। किसानों का कहना है कि जब तक उनके नुकसान के अनुरूप राहत नहीं मिलेगी, तब तक उनकी परेशानी दूर नहीं होगी।

Related Articles

Back to top button
You Cannot able to copy the content! All Reserved Rights of Bastar Dagar