झीरम फैसले पर दीपक बैज बोले- ‘जिन्हें सजा मिलनी चाहिए थी, उन्हें नहीं मिली’, बड़े नक्सलियों को लेकर उठाए सवाल

रायपुर,16 सितम्बर 2026
झीरम घाटी हत्याकांड मामले में 10 दोषियों को मृत्युदंड दिए जाने के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने अदालत के फैसले पर सवाल उठाए हैं। जगदलपुर की विशेष NIA अदालत ने 16 सितंबर 2026 को 2013 के झीरम घाटी हमले के मामले में 10 दोषियों को मौत की सजा सुनाई है।
फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए दीपक बैज ने कहा कि “जो फैसला आया है, उसमें 10 लोगों को मृत्यु दंड की सजा हुई है। वह 10 लोग कौन हैं?” उन्होंने दावा किया कि ये वे लोग हैं जो बड़े नक्सलियों के लिए झोला और राशन उठाने का काम करते थे।
बैज ने सवाल उठाते हुए कहा कि “सबसे बड़ा सवाल यही है कि बड़े नक्सली तो सरकार की गोद में हैं, सरकार के संरक्षण में हैं, उनको सजा कब मिलेगी?” उन्होंने कहा कि अदालत का फैसला आने के बावजूद उनकी नजर में अभी न्याय पूरा नहीं हुआ है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि बड़े नक्सली नेताओं और कथित षड्यंत्रकारियों तक कार्रवाई नहीं पहुंची है। उन्होंने कहा कि सरकार अपने बड़े नक्सलियों को बचाने का काम कर रही है, ताकि कथित षड्यंत्र की पोल न खुले।
दीपक बैज ने कहा कि “जिनको सजा होनी चाहिए थी, उन्हें सजा नहीं हुई और जिन्हें सजा नहीं होनी चाहिए थी, उन्हें हुई है।” उन्होंने इसे लेकर सरकार से बड़े नक्सलियों और झीरम कांड की कथित साजिश से जुड़े लोगों पर कार्रवाई को लेकर सवाल किया।
बता दें कि 25 मई 2013 को झीरम घाटी में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा के काफिले पर हुए नक्सली हमले में कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं समेत 29 लोगों की मौत हुई थी। NIA की विशेष अदालत ने 5 सितंबर 2026 को मामले में 10 आरोपियों को दोषी ठहराया था और 16 सितंबर को उन्हें मृत्युदंड की सजा सुनाई।




