BASTAR NEWS UPDATE:बस्तर की 6 बड़ी खबरें: झीरम कांड में आज सजा का ऐलान, मवेशियों से परेशान राहगीर; 17 काष्ठ मूर्तियों की चोरी

जगदलपुर,16 सितम्बर 2026
बस्तर संभाग में बुधवार को कई अहम खबरें सामने आईं। झीरम घाटी नक्सली हमला मामले में आज विशेष एनआईए अदालत सजा का ऐलान करेगी। इसके अलावा इंद्रावती नदी के किनारे नया खानी तिहार से पहले पारंपरिक अनुष्ठान हुआ। वहीं 84 साल पुराने खड़क घाट पुल पर मवेशियों के जमघट से राहगीरों की परेशानी बढ़ गई है। सुकमा के कोंटा में पोलावरम परियोजना के बैकवाटर को लेकर ग्रामीणों ने चिंता जताई है। नारायणपुर के राजबेड़ा में प्राचीन गणपति मंदिर आस्था का केंद्र बना हुआ है, जबकि कोंडागांव में आर्ट स्टूडियो से चोरी हुई 17 काष्ठ मूर्तियों में 12 बरामद कर ली गई हैं।
झीरम हमले में आज सजा का ऐलान
बहुचर्चित झीरम घाटी नक्सली हमला मामले में जगदलपुर की विशेष एनआईए अदालत बुधवार को दोषियों की सजा का ऐलान करेगी। 25 मई 2013 को परिवर्तन यात्रा से लौट रहे कांग्रेस नेताओं के काफिले पर झीरम घाटी में घात लगाकर हमला किया गया था। घटना में 31 लोगों की मौत और 38 लोगों के घायल होने का उल्लेख किया जाता है।
हमले में तत्कालीन कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, पूर्व मंत्री महेंद्र कर्मा और उदय मुदलियार समेत कई नेताओं की मौत हुई थी। वरिष्ठ नेता विद्याचरण शुक्ल भी गंभीर रूप से घायल हुए थे और बाद में उनकी मौत हो गई थी।
एनआईए जांच के बाद मामले में 11 आरोपी बनाए गए थे, जिनमें एक की सुनवाई के दौरान मौत हो गई। 5 सितंबर 2026 को अदालत ने बाकी 10 आरोपियों को दोषी करार दिया था। अब अदालत इन दोषियों के खिलाफ सजा तय करेगी।
इंद्रावती किनारे हुई जलनी आया की पूजा
जगदलपुर से करीब 10 किलोमीटर दूर घाटकवाली में नया खानी तिहार से पहले ग्रामीणों ने इंद्रावती नदी के तट पर पारंपरिक अनुष्ठान किया। बैगा, सिरहा, पुजारी और मांझी की मौजूदगी में जलनी आया की पूजा-अर्चना की गई।
ग्रामीणों ने जल की देवी को सोने की नाव और चांदी का पतवार अर्पित किया। अच्छी फसल, सुख-समृद्धि और गांव के कल्याण की कामना की गई। बस्तर के जनजातीय समाज में नया खानी नई फसल के स्वागत से जुड़ी परंपरा है। मान्यता के अनुसार नई फसल का पहला अंश देवी-देवताओं और पूर्वजों को अर्पित करने के बाद ही उसका सेवन किया जाता है।
84 साल पुराने खड़क घाट पुल पर मवेशियों का जमघट
जगदलपुर का खड़क घाट पुल करीब 84 साल पुराना है। वर्ष 1942 में बने इस पुल से आज भी बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही होती है। पुल पर दिनभर मवेशियों के जमघट के कारण राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
आसना और कोहकापाल के ग्रामीणों के मुताबिक, मवेशियों के कारण कई बार यातायात प्रभावित होता है। संकरे पुल पर मवेशियों और वाहनों की एक साथ आवाजाही दुर्घटना का खतरा बढ़ा रही है। स्थानीय लोगों ने जिम्मेदार विभाग से मवेशियों की समस्या के समाधान के लिए ठोस व्यवस्था की मांग की है।
पोलावरम के बैकवाटर को लेकर ग्रामीणों की चिंता
सुकमा के कोंटा क्षेत्र में पोलावरम बांध परियोजना को लेकर ग्रामीणों ने चिंता जताई है। ढोंढरा में दोरला समाज की बैठक में डूब, बैकवाटर और संभावित विस्थापन को लेकर चर्चा हुई।
ग्रामीणों का दावा है कि कोंटा नगर पंचायत समेत करीब 18 गांव संभावित रूप से प्रभावित हो सकते हैं। ग्रामीणों ने प्रभावित क्षेत्र का वैज्ञानिक सर्वे कराकर डूब और बैकवाटर की वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करने की मांग की है। साथ ही प्रभावित परिवारों को जमीन और भविष्य को लेकर स्पष्ट जानकारी देने की मांग उठाई गई है।
चार पीढ़ियों से आस्था का केंद्र है राजबेड़ा का गणपति
नारायणपुर और कोंडागांव जिले की सीमा पर स्थित राजबेड़ा का प्राचीन गणपति मंदिर स्थानीय आस्था का प्रमुख केंद्र है। ग्रामीणों के अनुसार यहां स्थापित पाषाणीय गणपति और मां दुर्गा की प्रतिमाएं करीब एक सदी पुरानी हैं।
गणपति की प्रतिमा में भगवान गणेश मूषक पर विराजमान हैं और इसकी नक्काशी इसे खास बनाती है। ग्रामीणों के मुताबिक चार पीढ़ियों से यहां पूजा-अर्चना होती आ रही है। ग्रामीणों ने इस प्राचीन स्थल के पुरातात्विक सर्वे और संरक्षण की मांग की है।
आर्ट स्टूडियो से 17 काष्ठ मूर्तियां चोरी, 12 बरामद
कोंडागांव के गढ़बेंगाल में आर्ट स्टूडियो से 17 काष्ठ मूर्तियां चोरी होने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। चोरी गई मूर्तियों की अनुमानित कीमत करीब 80 हजार रुपये बताई गई है।
पुलिस ने सूचना के आधार पर मनोज विश्वकर्मा को हिरासत में लिया। पूछताछ के बाद उसकी निशानदेही पर चोरी गई 12 काष्ठ मूर्तियां बरामद कर ली गईं। पांच मूर्तियां अभी बरामद होना बाकी हैं। पुलिस दूसरे आरोपी अनिल चंद्राकर की तलाश कर रही है। गिरफ्तार आरोपी को 15 सितंबर को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।




