वन्यजीव संरक्षण की दिशा में छत्तीसगढ़ को बड़ी सफलता, बाघों की संख्या बढ़कर 35-36 हुई

रायपुर,27 अगस्त 2026
छत्तीसगढ़ में वन्यजीव संरक्षण और संवर्धन के प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। बस्तर क्षेत्र के चित्रकूट रेंज में तेंदुए के एक शावक को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है। वन विभाग द्वारा शावक की सुरक्षा और देखभाल के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
वहीं राज्य में बाघों की आबादी में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2022 में कैमरा ट्रैप के माध्यम से 17 से 18 बाघों की पहचान की गई थी, जिनकी संख्या अब बढ़कर 35 से 36 हो गई है। इसे राज्य में वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण और उत्साहजनक उपलब्धि माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। गुरु घासीदास-तमोर पिंगला क्षेत्र को देश के तीसरे सबसे बड़े टाइगर रिजर्व के रूप में घोषित किया गया है। यह उपलब्धि न केवल छत्तीसगढ़ की समृद्ध जैव विविधता और वन्यजीव संरक्षण के प्रयासों को नई पहचान देगी, बल्कि भविष्य में बाघों और अन्य वन्यजीवों के संरक्षण के लिए सुरक्षित और विस्तृत आवास भी उपलब्ध कराएगी।
राज्य सरकार और वन विभाग के प्रयासों से वन्यजीवों के संरक्षण, उनके प्राकृतिक आवास की सुरक्षा और जैव विविधता को मजबूत बनाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। बाघों की बढ़ती संख्या और नए टाइगर रिजर्व की स्थापना छत्तीसगढ़ के लिए वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।




