
जगदलपुर,8 अगस्त 2026
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव ने संगठन के प्रति समर्पण और प्रतिबद्धता का एक बार फिर उदाहरण पेश किया है। सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल किरण सिंह देव का महज दो दिन पहले ही ऑपरेशन हुआ है। इसके बावजूद उन्होंने शुक्रवार को अस्पताल के बेड से ही भाजपा की संगठनात्मक बैठक में वर्चुअल माध्यम से सहभागिता दर्ज कराई।
किरण सिंह देव के इस कदम को कार्यकर्ता संगठन के प्रति उनकी जिम्मेदारी, प्रतिबद्धता और नेतृत्व के संकल्प के तौर पर देख रहे हैं। स्वास्थ्य लाभ के लिए आराम की जरूरत के बावजूद उन्होंने संगठन के काम को प्राथमिकता देते हुए कई घंटे तक पार्टी पदाधिकारियों और मंत्रियों से चर्चा की।
बता दें कि कुछ दिनों पहले धार्मिक यात्रा के दौरान उत्तर प्रदेश के ललितपुर के पास सड़क दुर्घटना में किरण सिंह देव गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसके बाद उनका झांसी मेडिकल कॉलेज में उपचार किया गया। बाद में उन्हें छत्तीसगढ़ लाकर रायपुर के वेदांता हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। दो दिन पहले ही उनकी ऑर्थो सर्जरी हुई थी।
ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों ने उन्हें आराम की सलाह दी थी। इसी बीच शुक्रवार को भाजपा की महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक आयोजित हुई। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, मुख्यमंत्री और मंत्रियों की ओर से भी उन्हें आराम करने की सलाह दी गई, लेकिन किरण सिंह देव अस्पताल के बेड से ही बैठक में वर्चुअल रूप से जुड़ गए।
बैठक के दौरान उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों और मंत्रियों के साथ कई घंटे तक संगठनात्मक विषयों पर चर्चा की। उनके इस जज्बे ने कार्यकर्ताओं में भी नई ऊर्जा का संचार किया है।
जगदलपुर के भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं का कहना है कि किरण सिंह देव का समर्पण हजारों कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा है। कार्यकर्ताओं के मुताबिक, उनका शरीर इस समय उपचाररत है, लेकिन संगठन के प्रति उनका संकल्प पूरी मजबूती के साथ मैदान में है।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि “आराम शरीर को चाहिए, नेतृत्व को नहीं और संगठन सर्वोपरि है”—यही किरण सिंह देव के नेतृत्व की पहचान है। उनके इस समर्पण से युवा कार्यकर्ताओं को संगठन के लिए और अधिक ऊर्जा एवं उत्साह के साथ काम करने की प्रेरणा मिल रही है।
बॉक्स: यह जज्बा है प्रेरणास्रोत
भाजपा नेताओं ने कहा कि किरण देव का यह जज्बा हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने उनके शीघ्र पूर्ण स्वस्थ होने की कामना करते हुए कहा कि ऐसा समर्पण संगठन को मजबूत बनाता है और ऐसा नेतृत्व कार्यकर्ताओं को प्रेरणा देता है।
“हम रुकेंगे नहीं, हम झुकेंगे नहीं, संगठन के लिए सदैव समर्पित रहेंगे।”




