नल लगे, टंकी बनी… फिर भी सूखा गांव: केशरपाल में करोड़ों की योजना फेल

बस्तर, 24 अप्रैल 2026। जिले के केशरपाल गांव से विकास के दावों की हकीकत उजागर करने वाली तस्वीर सामने आई है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना यहां केवल कागजों तक सिमटती नजर आ रही है।
गांव में करोड़ों रुपये की लागत से पानी की टंकी बनाई गई, पाइपलाइन बिछाई गई और घर-घर नल कनेक्शन भी दिए गए। लेकिन हकीकत यह है कि आज तक इन नलों से एक बूंद पानी भी नहीं पहुंचा है।
गर्मी बढ़ने के साथ स्थिति और गंभीर हो गई है। गिरते जलस्तर के बीच गांव में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। महिलाएं और बच्चे रोजाना दूर-दराज के स्रोतों से पानी लाने को मजबूर हैं, जिससे उनकी दिनचर्या और जीवन दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को समस्या से अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द जल आपूर्ति शुरू नहीं हुई, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या केवल ढांचा खड़ा कर देना ही विकास है, या योजनाओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाना भी उतना ही जरूरी है? फिलहाल केशरपाल के लोग आज भी बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं और योजनाओं के धरातल पर उतरने का इंतजार कर रहे हैं।




