स्मार्ट मीटर से नहीं बढ़ती बिजली खपत, रायपुर-बिलासपुर-दुर्ग के सर्वे में सामने आई सच्चाई

रायपुर, 27 जुलाई 2026
छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी (CSPDCL) ने स्मार्ट मीटर को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों और भ्रांतियों को खारिज करते हुए तीन शहरों रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग के घरेलू उपभोक्ताओं की बिजली खपत का तुलनात्मक अध्ययन जारी किया है। मई, जून और जुलाई 2026 के विश्लेषण में सामने आया कि जुलाई माह में अधिकांश उपभोक्ताओं की बिजली खपत में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई।
रायपुर में 3,11,374 घरेलू स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के अध्ययन में 1 से 26 जून 2026 के दौरान कुल बिजली खपत करीब 10.85 करोड़ यूनिट रही, जबकि 1 से 26 जुलाई 2026 के बीच यह घटकर करीब 7.77 करोड़ यूनिट रह गई। यानी करीब 28 प्रतिशत की कमी दर्ज हुई। वहीं 400 यूनिट से अधिक खपत वाले 1.21 लाख से अधिक उपभोक्ताओं की बिजली खपत में करीब 44 प्रतिशत की कमी पाई गई।
कंपनी ने स्पष्ट किया कि बिजली खपत का आधार स्मार्ट मीटर नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं द्वारा किए गए वास्तविक बिजली उपयोग पर निर्भर करता है। जिन घरों में स्मार्ट मीटर नहीं लगे हैं, वहां भी अप्रैल, मई और जून में पिछले वर्ष की तुलना में अधिक खपत दर्ज हुई, जबकि जुलाई में उन्हीं मीटरों में भी खपत कम हो गई।
दुर्ग में 400 यूनिट से अधिक खपत वाले 240 स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के अध्ययन में जुलाई 2026 में कुल खपत 76,257 यूनिट दर्ज हुई, जबकि जून में 1,65,411 यूनिट और मई में 1,75,451 यूनिट थी। यानी करीब 53 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।
वहीं बिलासपुर सिटी सर्किल के 9,717 स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के विश्लेषण में मई में औसत खपत 524 यूनिट, जून में 596 यूनिट और जुलाई में घटकर 312 यूनिट दर्ज की गई। यानी करीब 43 प्रतिशत की कमी सामने आई।
कंपनी के अनुसार 400 यूनिट से अधिक बिजली खपत करने वाले एसी उपभोक्ताओं को मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान योजना का लाभ नहीं मिल पाता, जिससे उनका बिजली बिल अधिक दिखाई देता है। हालांकि जुलाई में खपत कम होने से अगस्त में आने वाले बिजली बिल की राशि भी कम होने की संभावना है और अधिक उपभोक्ताओं को योजना का लाभ मिल सकेगा।
कंपनी ने यह भी बताया कि स्वीकृत भार से अधिक बिजली उपयोग करने पर लगातार तीन माह तक उच्चतम मांग (Maximum Demand) अधिक रहने पर बिल में सप्लाई अफोर्डिंग शुल्क जुड़ता था। अब नई व्यवस्था के तहत यह राशि साल में केवल एक बार दिसंबर माह के बिल (जनवरी में जारी होने वाले बिल) में ही जोड़ी जाएगी।
मोर बिजली ऐप के माध्यम से स्मार्ट मीटर उपभोक्ता अपनी दैनिक और हर आधे घंटे की बिजली खपत देख सकते हैं। वहीं सामान्य मीटर वाले उपभोक्ता ऐप में मासिक खपत की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
उपभोक्ताओं की शिकायतों के समाधान के लिए विभाग चेक मीटर भी लगा रहा है। अब तक लगाए गए 4,500 चेक मीटरों में दर्ज खपत और स्मार्ट मीटर की रीडिंग पूरी तरह समान पाई गई है।
कंपनी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे स्मार्ट मीटर को लेकर किसी भी भ्रामक जानकारी पर विश्वास न करें। किसी भी प्रकार की बिजली बिल संबंधी शिकायत या शंका के समाधान के लिए टोल फ्री नंबर 1912 पर संपर्क किया जा सकता है। साथ ही मोर बिजली ऐप और स्मार्ट मीटर पोर्टल के जरिए उपभोक्ता अपनी बिजली खपत की पारदर्शी निगरानी स्वयं कर सकते हैं।




