
रायपुर ,25/05/26। देशभर में बढ़ रही ईंधन कीमतों का असर अब छत्तीसगढ़ में भी साफ दिखाई देने लगा है। लगातार चौथी बार हुई बढ़ोतरी के बाद राज्य में पेट्रोल और डीज़ल के दाम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं। राजधानी रायपुर में पेट्रोल की कीमत अब ₹108.06 प्रति लीटर तक पहुंच गई है, जबकि डीज़ल ₹101.32 प्रति लीटर बिक रहा है।
तेल कंपनियों द्वारा पिछले 10 दिनों में लगातार कीमतें बढ़ाने से आम लोगों की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है। खासकर रोजाना वाहन चलाने वाले लोग और ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े व्यापारी सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
दंतेवाड़ा और बस्तर में भी बढ़े दाम
छत्तीसगढ़ के कई जिलों में पेट्रोल की कीमतें अलग-अलग स्तर पर पहुंच गई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक:
- दंतेवाड़ा – करीब ₹107 प्रति लीटर
- बीजापुर – करीब ₹106.99 प्रति लीटर
- अंबिकापुर – करीब ₹106.49 प्रति लीटर
- दुर्ग – करीब ₹105.69 प्रति लीटर
10 दिन में चौथी बार बढ़ोतरी
15 मई से शुरू हुई बढ़ोतरी का सिलसिला अब तक जारी है। इस दौरान पेट्रोल करीब ₹7 से ₹8 प्रति लीटर तक महंगा हो चुका है। डीज़ल की कीमतों में भी तेज उछाल दर्ज किया गया है।
ईरान संकट और कच्चे तेल का असर
विशेषज्ञों का कहना है कि मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव, खासकर ईरान युद्ध और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण भारत में ईंधन महंगा हो रहा है। रुपये में कमजोरी और आयात लागत बढ़ने से तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ा है।
छत्तीसगढ़ में दिखने लगा असर
राज्य में बढ़ती कीमतों के कारण कई जगहों पर लोगों ने निजी वाहनों का इस्तेमाल कम करना शुरू कर दिया है। वहीं ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ने से सब्जियों, राशन और रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।
कुछ दिनों पहले रायपुर और बिलासपुर में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें भी देखने को मिली थीं। कई जगह लोगों ने संभावित संकट को देखते हुए पहले से ईंधन भरवाया।
सरकारी कर्मचारियों ने उठाई मांग
ईंधन संकट और बढ़ती कीमतों को देखते हुए छत्तीसगढ़ के कुछ कर्मचारी संगठनों ने सरकार से वर्क फ्रॉम होम लागू करने की मांग भी की है। उनका कहना है कि रोजाना बढ़ते पेट्रोल खर्च से कर्मचारियों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।




