छत्तीसगढ़

सहकारिता बनेगी किसानों की समृद्धि का नया आधार : उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

रायपुर, 6 जुलाई 2026

सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के पाँच वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित सहकारिता सप्ताह का समापन कबीरधाम के पीजी कॉलेज डोम, कवर्धा में जिला स्तरीय कृषक संगोष्ठी के साथ हुआ। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर राजनांदगांव सांसद संतोष पाण्डेय और पंडरिया विधायक भावना बोहरा भी उपस्थित रहीं।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि सहकारिता सप्ताह का समापन किसी अभियान का अंत नहीं, बल्कि नए संकल्प और नई शुरुआत का अवसर है। उन्होंने कहा कि सहकारिता को पारंपरिक गतिविधियों तक सीमित न रखकर कोल्ड स्टोरेज, दुग्ध उत्पादन, मत्स्य पालन, पशुपालन, गैस एजेंसी संचालन तथा अन्य रोजगारमूलक क्षेत्रों तक विस्तारित करना होगा, जिससे किसानों और ग्रामीणों की आय बढ़ेगी तथा रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

उन्होंने बताया कि कबीरधाम जिले में पहले 90 सहकारी समितियां थीं, लेकिन अब 40 नई समितियों के गठन के बाद उनकी संख्या बढ़कर 138 हो गई है। उन्होंने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती के दिन ही भारत सरकार ने सहकारिता मंत्रालय की स्थापना की थी, जिसका उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों में सहकारिता की भावना स्वाभाविक रूप से मौजूद है। उन्होंने बस्तर और कबीरधाम के शक्कर कारखाने का उदाहरण देते हुए कहा कि सहकारिता मॉडल किसानों की आर्थिक मजबूती का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने गुजरात के बनासकांठा के सहकारिता मॉडल का उल्लेख करते हुए किसानों से नए क्षेत्रों में सहकारिता को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।

सांसद संतोष पाण्डेय ने कहा कि सहकारिता का अर्थ है साथ मिलकर कार्य करना और एक-दूसरे का सहयोग करना। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के बाद इस क्षेत्र को नई दिशा और गति मिली है।

विधायक भावना बोहरा ने कहा कि छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा किसानों की मेहनत ने बनाया है। सहकारिता मंत्रालय के गठन के बाद यह क्षेत्र केवल एक विचार नहीं, बल्कि जनभागीदारी का सशक्त आंदोलन बनकर उभरा है।

कार्यक्रम के दौरान 8 किसानों को अल्पकालीन कृषि ऋण और मछली कीट वितरित किए गए। वहीं निबंध, प्रश्नोत्तरी और चित्रकला प्रतियोगिता की 15 विजेता बालिकाओं को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

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