छत्तीसगढ़ को ‘GeM सस्टेनेबल प्रोक्योरमेंट अवार्ड’, सरकारी खरीदी बढ़कर ₹3,935 करोड़

रायपुर, 11 अगस्त 2026
छत्तीसगढ़ को गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) के 10वें स्थापना दिवस समारोह में ‘GeM सस्टेनेबल प्रोक्योरमेंट अवार्ड’ से सम्मानित किया गया है। नई दिल्ली में आयोजित समारोह में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की उपस्थिति में राज्य को यह सम्मान प्रदान किया गया। समारोह की थीम ‘GeM 10: A Decade of Exponential Possibilities’ रही।
राज्य सरकारों के लिए निर्धारित ‘प्रीमियर अवार्ड्स – स्टेट गवर्नमेंट फेलिसिटेशन’ श्रेणी में छत्तीसगढ़ को यह पुरस्कार GeM के प्रभावी उपयोग और इसके माध्यम से शासकीय खरीदी के मूल्य एवं मात्रा में उल्लेखनीय वृद्धि के लिए दिया गया है।
प्रतिस्पर्धी निविदाओं से ₹130 करोड़ की बचत
GeM प्लेटफॉर्म पर पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी निविदा प्रक्रिया के चलते वित्तीय वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ़ शासन को ₹130 करोड़ की बचत हुई। यह बचत विभागों द्वारा खरीदी के लिए अनुमानित लागत और प्रतिस्पर्धी बोली के बाद प्राप्त वास्तविक बाजार मूल्य के अंतर से हुई है।
GeM की खुली बोली प्रक्रिया, मानकीकृत विनिर्देश और डिजिटल एवं ऑडिट योग्य रिकॉर्ड सरकारी खरीदी में पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करते हैं। पिछले तीन वित्तीय वर्षों में प्रतिस्पर्धी खरीदी के माध्यम से राज्य शासन को कुल ₹235 करोड़ की बचत हुई है।
खरीदी प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में जांच और निगरानी की व्यवस्था लागू है। निविदाओं की शर्तों और तकनीकी विनिर्देशों की नियमित समीक्षा भी की जाती है, जिससे खरीदी की गुणवत्ता के साथ बदलती जरूरतों के अनुरूप वस्तुओं और सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।
GeM से खरीदी में 113 प्रतिशत की वृद्धि
छत्तीसगढ़ में GeM के माध्यम से शासकीय खरीदी वित्तीय वर्ष 2025-26 में बढ़कर ₹3,935 करोड़ पहुंच गई। यह पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 113 प्रतिशत की वृद्धि है।
राज्य शासन द्वारा विभागों, निगमों और स्थानीय निकायों की खरीदी को एक साझा और पारदर्शी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने के प्रयासों से यह वृद्धि संभव हुई है। इससे अधिकाधिक सरकारी खरीदी खुली प्रतिस्पर्धा के दायरे में आई और लेन-देन में पारदर्शिता के साथ प्रतिस्पर्धी दर निर्धारण सुनिश्चित हुआ।
MSEs को मिले ₹1,800 करोड़ के ऑर्डर
GeM के व्यापक उपयोग से सरकारी खरीदी में सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों (MSEs) की भागीदारी भी बढ़ी है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में MSEs से खरीदी 61 प्रतिशत बढ़कर ₹1,800 करोड़ हो गई। यह निर्धारित 25 प्रतिशत MSE खरीद लक्ष्य से काफी अधिक है।
राज्य के प्राथमिकता वाले उद्यमी वर्गों की भागीदारी में भी वृद्धि दर्ज की गई। महिला उद्यमियों से खरीदी में 97 प्रतिशत, जबकि अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के उद्यमियों से खरीदी में 108 प्रतिशत की वृद्धि हुई। वहीं स्टार्टअप से खरीदी में 178 प्रतिशत की सर्वाधिक वृद्धि दर्ज की गई।
GeM ने उद्यमियों के लिए खोले शासकीय बाजार के द्वार: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि GeM ने छत्तीसगढ़ के उद्यमियों को बिना किसी मध्यस्थ के सीधे शासकीय मांग और बाजार से जुड़ने का अवसर उपलब्ध कराया है। महिला उद्यमियों, अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के उद्यमियों और स्टार्टअप की भागीदारी में वृद्धि इस पारदर्शी व्यवस्था की सफलता को दर्शाती है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि खुला और पारदर्शी डिजिटल मार्केटप्लेस प्रत्येक उद्यमी को समान अवसर प्रदान करता है। सरकार का प्रयास है कि इसका लाभ प्रदेश के अधिक से अधिक सूक्ष्म एवं लघु उद्यमियों, महिला उद्यमियों, अनुसूचित जाति-जनजाति के उद्यमियों और स्टार्टअप तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि पारदर्शी शासकीय खरीदी के साथ स्थानीय उद्यमिता को सशक्त बनाकर विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में सरकार लगातार आगे बढ़ रही है।




