
जगदलपुर, 18 जून 2026
बस्तर वनमंडल ने वनों की सुरक्षा और वन अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए वन परिक्षेत्र भानपुरी के संवेदनशील क्षेत्रों बनियागांव और पिपलावंड में वनमंडल स्तरीय मॉकड्रिल आयोजित की। इस अभ्यास का उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में वन अमले की त्वरित कार्यवाही क्षमता का परीक्षण करना और उनकी कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाना था।
मॉकड्रिल के दौरान वन विभाग की टीम ने युद्ध स्तर पर कार्रवाई का अभ्यास किया। सूचना मिलने पर अमले को अलर्ट मोड में लाने, त्वरित सूचना प्रसारण और घटनास्थल पर तत्काल पहुंचकर कार्रवाई करने की प्रक्रिया का परीक्षण किया गया। वन अमले ने दोनों क्षेत्रों के जंगलों में सघन गश्त की तथा अभ्यास के तहत वन अपराधों के मामलों का पंजीयन भी किया।
अभियान के दौरान ग्रामीणों और ट्रैक्टर चालकों को अवैध कटाई, वन अतिक्रमण और वनों को नुकसान पहुंचाने के कानूनी एवं व्यावहारिक दुष्परिणामों की जानकारी दी गई। साथ ही उन्हें वन संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।
इस मॉकड्रिल में वनमंडलाधिकारी श्री उत्तम कुमार गुप्ता, उप वनमंडलाधिकारी श्री आईपी बंजारे, श्री योगेश रात्रे, श्री सुखदास नाग सहित विभिन्न वन परिक्षेत्रों के अधिकारी, परिक्षेत्र सहायक, परिसर रक्षक और सुरक्षा श्रमिक शामिल हुए।
मौके पर वनमंडलाधिकारी श्री उत्तम कुमार गुप्ता ने कहा कि वन केवल लकड़ी या वनोपज का स्रोत नहीं हैं, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन, जैव विविधता संरक्षण, जल स्रोतों के संरक्षण और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने का आधार हैं। उन्होंने कहा कि वन और वन्य जीव एक-दूसरे के पूरक हैं तथा उनका संरक्षण मानव जीवन के सुरक्षित और समृद्ध भविष्य के लिए आवश्यक है।
उन्होंने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वनों की रक्षा केवल वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक धरोहरों को सुरक्षित रखने हेतु सभी को मिलकर प्रयास करना होगा।




