
जगदलपुर,14 सितम्बर 2026
बस्तर में रेलवे की गतिविधियों से लेकर गणेश चतुर्थी, रेल कनेक्टिविटी, धार्मिक आस्था और स्कूलों की सुरक्षा तक कई मुद्दे सोमवार को चर्चा में रहे। रेलवे की प्रधान मुख्य वाणिज्यिक प्रबंधक रीता राज ने बस्तर पहुंचकर रेलवे स्टेशन और लौह अयस्क परिवहन की संभावनाओं का जायजा लिया। वहीं, लंबे समय से बंद दुर्ग-जगदलपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस को बहाल करने की मांग भी तेज हुई है।
लौह अयस्क ढुलाई बढ़ाने पर रेलवे का फोकस
पूर्व तट रेलवे की प्रधान मुख्य वाणिज्यिक प्रबंधक रीता राज ने जगदलपुर के अमृत भारत स्टेशन के रूप में विकसित हो रहे रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने किरंदुल पहुंचकर एनएमडीसी अधिकारियों के साथ बैठक की।
बैठक में बस्तर से होने वाली लौह अयस्क की रेल ढुलाई बढ़ाने, माल परिवहन की संभावनाओं और रेलवे के राजस्व में वृद्धि को लेकर चर्चा हुई। जगदलपुर स्टेशन के विकास के साथ भविष्य में यात्री और माल परिवहन बढ़ने की संभावनाओं को देखते हुए यह दौरा अहम माना जा रहा है।
रावघाट रेल लाइन का इंतजार, इंटरसिटी बहाली की मांग
बस्तर में करीब 140 किलोमीटर लंबी रावघाट रेल लाइन का इंतजार जारी है। 7 मई 2026 को इसके लिए 2536 करोड़ रुपये जारी किए जाने के बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं होने को लेकर लोगों में नाराजगी है।
इसी बीच करीब सात साल से बंद दुर्ग-जगदलपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस को फिर से शुरू करने की मांग तेज हो गई है। बस्तरवासियों का कहना है कि रावघाट रेल लाइन बनने तक इंटरसिटी ट्रेन को तत्काल राहत के तौर पर बहाल किया जा सकता है।
जगदलपुर-रायपुर के बीच बस यात्रा का किराया करीब 600 से 1200 रुपये तक बताया जाता है, जबकि इंटरसिटी में स्लीपर किराया करीब 340 रुपये था। ऐसे में ट्रेन बहाल होने से यात्रियों को कम खर्च में बेहतर रेल सुविधा मिलने की उम्मीद है।
तीज के साथ गणेश चतुर्थी का संयोग
बस्तर में 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी के साथ दस दिवसीय गणेश उत्सव की शुरुआत हो रही है। इस बार खास संयोग यह है कि तीज और गणेश चतुर्थी एक ही दिन पड़ रही हैं।
शहर से गांव तक गणेश पंडाल सजाए गए हैं और बाजारों में गणेश प्रतिमाओं की बिक्री शुरू हो चुकी है। पंचांग के अनुसार चतुर्थी तिथि 14 सितंबर सुबह 7:06 बजे से 15 सितंबर सुबह 7:44 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी मनाई जा रही है।
खुले आसमान के नीचे विराजे गणेश, संतान की कामना लेकर पहुंचते हैं श्रद्धालु
कोंडागांव के बड़े डोंगर की पहाड़ियों की तलहटी में खुले आसमान के नीचे भगवान गणेश की प्रतिमा श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र बनी हुई है। यहां न भव्य मंदिर है और न गर्भगृह, लेकिन स्थानीय लोगों की आस्था वर्षों से कायम है।
स्थानीय मान्यता के अनुसार श्रद्धालु संतान की कामना लेकर यहां पूजा-अर्चना करते हैं। पुजारी रूपसिंह कूदराम के मुताबिक यह मान्यता लंबे समय से चली आ रही है। हालांकि इसे आस्था के रूप में ही देखा जाता है, किसी तरह की गारंटी के तौर पर नहीं।
जर्जर स्कूल भवन से बच्चों की सुरक्षा पर सवाल
कोंडागांव जिले के लंजोड़ा में जर्जर स्कूल भवन की छत गिरने के बाद बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। यह भवन स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल से लगा हुआ है।
शिक्षा विभाग के मुताबिक भवन पहले से जर्जर था और वहां कक्षाएं संचालित नहीं हो रही थीं। विद्यार्थियों को दूसरे भवन में शिफ्ट किया गया है। पर्याप्त भवन नहीं होने के कारण स्कूल को दो पालियों में संचालित करना पड़ रहा है।
पालकों ने जर्जर हिस्से को पूरी तरह सुरक्षित करने या उसे हटाने की मांग की है, ताकि स्कूल परिसर में बच्चों की आवाजाही के दौरान किसी संभावित हादसे का खतरा न रहे।
नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में आरोपी गिरफ्तार
दंतेवाड़ा के कुआकोंडा थाना क्षेत्र में नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार पीड़िता राखी बांधने एक परिचित महिला के साथ उसके मायके गई थी। इसी दौरान आरोपी उसे बहला-फुसलाकर अपने घर ले गया और दुष्कर्म किया।
पीड़िता की शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू की। पुलिस के मुताबिक कुछ ही घंटों में आरोपी सोमारू उर्फ समरू मरकाम, निवासी पाकलूपारा, गंजेनार को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।




