
रायपुर। 25 जून 2026
कभी नक्सल हिंसा और अविकास की पहचान रहा बस्तर संभाग अब विकास, विश्वास और समृद्धि की नई कहानी लिख रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार द्वारा तैयार विजन 2031 के तहत बस्तर को देश का सबसे विकसित आदिवासी क्षेत्र बनाने की दिशा में व्यापक कार्य किए जा रहे हैं।
नक्सलवाद से मुक्ति बना विकास का आधार
बस्तर के विकास में सबसे बड़ी बाधा रहे नक्सलवाद के खिलाफ राज्य सरकार ने निर्णायक अभियान चलाया। सरकार ने 31 मार्च 2026 तक बस्तर को नक्सलमुक्त बनाने का लक्ष्य समय से पहले पूरा करने का दावा किया है। सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने के बाद अब क्षेत्र में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और निवेश के नए अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं।
आर्थिक सशक्तिकरण पर विशेष फोकस
विजन 2031 के तहत बस्तर के लोगों की औसत आय में छह गुना वृद्धि का लक्ष्य रखा गया है। सरकार प्रत्येक परिवार की मासिक आय 30 हजार रुपये तक पहुंचाने की दिशा में काम कर रही है। वन उपज, कृषि, डेयरी और स्थानीय रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है।
नियद नेल्लानार योजना से गांवों तक पहुंचीं सुविधाएं
मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से दूरस्थ और नक्सल प्रभावित गांवों तक विकास की बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। योजना के तहत उज्ज्वला गैस, राशन कार्ड, बिजली, स्वास्थ्य सेवाएं, आंगनबाड़ी, बैंकिंग सुविधा और मोबाइल नेटवर्क जैसी सेवाएं ग्रामीणों तक पहुंच रही हैं।
शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा निवेश
बस्तर के दूरस्थ क्षेत्रों अबूझमाड़ और जागरगुंडा में लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से एजुकेशन सिटी विकसित की जा रही है। वहीं, क्षेत्र के 36 लाख लोगों के लिए डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल तैयार करने की योजना स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
आधारभूत संरचना को मिल रही नई गति
बस्तर 2.0 ब्लूप्रिंट के तहत जगदलपुर एयरपोर्ट विस्तार, रेल परियोजनाओं, 228 नई सड़कों और 267 पुलों के निर्माण पर जोर दिया जा रहा है। इससे बस्तर की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
पर्यटन और संस्कृति को मिल रहा बढ़ावा
प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहरों से समृद्ध बस्तर में चित्रकोट जलप्रपात समेत कई पर्यटन स्थलों को विश्वस्तरीय पहचान दिलाने की तैयारी की जा रही है। वहीं बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजन स्थानीय प्रतिभाओं और संस्कृति को राष्ट्रीय मंच प्रदान कर रहे हैं।
कृषि और सिंचाई से बढ़ेगी समृद्धि
इंद्रावती नदी क्षेत्र में लगभग 2000 करोड़ रुपये की सिंचाई परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। इन योजनाओं से करीब 32 हजार हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलने की उम्मीद है, जिससे कृषि उत्पादन और किसानों की आय में वृद्धि होगी।
अंजोर विजन 2047 की तैयारी
बस्तर के दीर्घकालिक विकास को ध्यान में रखते हुए सरकार अंजोर विजन 2047 की रूपरेखा भी तैयार कर रही है। इसका उद्देश्य विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना और छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य के रूप में स्थापित करना है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बस्तर अब संघर्ष से सफलता और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। सरकार को उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में बस्तर विकास का राष्ट्रीय मॉडल बनकर उभरेगा।




