रायगढ़ के खनन प्रभावित क्षेत्रों को 26 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात, बनेगा 100 बिस्तरों वाला हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर

रायपुर, 25 जून 2026
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी के सतत प्रयासों से रायगढ़ जिले के खनन प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को नई गति मिली है। जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) मद से स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, पशु चिकित्सा एवं आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए 26 करोड़ रुपये से अधिक लागत के विभिन्न विकास कार्यों को मंजूरी प्रदान की गई है।
स्वीकृत परियोजनाओं में सबसे बड़ा कार्य 16 करोड़ 73 लाख 27 हजार रुपये की लागत से रायगढ़ शहर के विजयपुर क्षेत्र में 100 बिस्तरों वाले सीनियर सिटीजन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का निर्माण है। यह आधुनिक स्वास्थ्य केंद्र वरिष्ठ नागरिकों को विशेष चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराएगा और जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाएगा।
स्वास्थ्य अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए लैलूंगा, धरमजयगढ़, घरघोड़ा और तमनार विकासखंडों के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों के निर्माण एवं उन्नयन हेतु 9 करोड़ 52 लाख 71 हजार रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। इन कार्यों से दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच बेहतर होगी।
पशुधन संरक्षण और संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए जिले में नवीन पशु चिकित्सालय भवनों के निर्माण को भी मंजूरी दी गई है। रायगढ़ विकासखंड के पतरापाली सहित विभिन्न ग्रामों में पशु चिकित्सालय बनाए जाएंगे, जिससे पशुपालकों को स्थानीय स्तर पर बेहतर उपचार और परामर्श सेवाएं मिल सकेंगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लैलूंगा, तमनार, घरघोड़ा और रायगढ़ विकासखंड के विभिन्न गांवों में नलकूप खनन एवं पंप स्थापना के कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इन योजनाओं से ग्रामीणों को पेयजल संकट से राहत मिलेगी और जलापूर्ति व्यवस्था मजबूत होगी।
शिक्षा और पोषण सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए तमनार विकासखंड के पेलमा और लालपुर में नवीन आंगनबाड़ी भवनों तथा पेलमा और खर्रा में प्राथमिक शाला भवनों के निर्माण को स्वीकृति दी गई है। वहीं रायगढ़ विकासखंड के लामीदरहा में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) भवन निर्माण के लिए भी राशि मंजूर की गई है।
जिला प्रशासन ने सभी निर्माण एजेंसियों को कार्यों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद खनन प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, पशु चिकित्सा और अन्य मूलभूत सुविधाओं का विस्तार होगा तथा हजारों परिवारों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आएगा।




