छत्तीसगढ़रायपुर संभाग

बर्खास्त कांस्टेबल ने जेल में रची वाहन चोरी की साजिश, बाहर निकलकर साथियों संग चुराईं कार, बाइक और ट्रैक्टर; चार गिरफ्तार

रायपुर, 12 सितम्बर 2026। महासमुंद में पुलिस ने वाहन चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनमें वर्ष 2016 में गांजा तस्करी के मामले में जेल जा चुका बर्खास्त कांस्टेबल दिनेश कुमार टंडन भी शामिल है। पुलिस के अनुसार, जेल में रहते हुए दिनेश की अलग-अलग अपराधों में बंद आरोपितों से पहचान हुई और इसी नेटवर्क से वाहन चोरी का गिरोह खड़ा हुआ।

रायपुर ग्रामीण एसपी श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा ने बताया कि पुलिस ने साहिल राय (23), संजीव दत्ता (27), अमरजीत सिंह उर्फ बंटी (48) और दिनेश कुमार टंडन (44) को गिरफ्तार किया है। आरोपितों की निशानदेही पर गैरेज के बाहर से चोरी की गई इनोवा क्रिस्टा और उसकी चाबी बरामद की गई है।

एक्टिवा बनवाने के बहाने गैरेज पहुंचा, चुरा ली कार की चाबी

विधानसभा थाना क्षेत्र के ग्राम दोदेखुर्द स्थित रुद्रांश मोटर गैरेज के बाहर इनोवा क्रिस्टा चोरी होने की शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज में साहिल राय संदिग्ध नजर आया।

पूछताछ में साहिल ने बताया कि वह एक्टिवा बनवाने के बहाने गैरेज पहुंचा था। वहां किसी के मौजूद नहीं होने पर उसने इनोवा की चाबी उठा ली। इसके बाद 5 सितंबर की रात कार चोरी कर समोदा ले गया। रास्ते में टायर खराब होने के बाद उसने कार को मेला स्थल के पास मंदिर के नजदीक खड़ा किया और उसी में सो गया। सुबह कार लॉक कर वहां से चला गया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने इनोवा क्रिस्टा और चाबी बरामद कर ली।

पूछताछ में सामने आई कई वाहन चोरी की वारदातें

साहिल से पूछताछ के बाद पुलिस को संजीव दत्ता और अमरजीत सिंह उर्फ बंटी की भूमिका की जानकारी मिली। पुलिस के अनुसार, करीब एक साल पहले आंबेडकर अस्पताल के चीरघर के पास से बुलेट चोरी कर संजीव के जरिए अमरजीत को 20 हजार रुपये में बेची गई थी।

इसके कुछ दिन बाद उसी स्थान से केटीएम बाइक चोरी की गई। घड़ी चौक पार्किंग से बुलेट चोरी कर अमरजीत को बेचने और आमासिवनी मेन रोड से चोरी की गई बुलेट को ओडिशा में परिचित के जरिए खपाने की जानकारी भी पूछताछ में सामने आई है।

जेल में बनी थी गिरोह की नींव

पुलिस के मुताबिक, दिनेश कुमार टंडन वर्ष 2016 में गांजा तस्करी के मामले में जेल गया था। जेल में उसकी मुलाकात अलग-अलग अपराधों में बंद आरोपितों से हुई। बाद में इसी पहचान के जरिए वाहन चोरी का नेटवर्क तैयार हुआ।

अमरजीत सिंह ने पूछताछ में बताया कि वह वर्ष 2005 में आमानाका थाना क्षेत्र के हत्या के मामले में जेल गया था और करीब 14 साल की सजा काटी थी। इसी दौरान उसकी जेल में संजीव दत्ता से पहचान हुई।

ट्रैक्टर चोरी में भी सामने आई भूमिका

पुलिस जांच में गिरोह की ट्रैक्टर चोरी में भी भूमिका सामने आई है। करीब तीन महीने पहले ग्राम धनसुली के एक बाड़े से ट्रैक्टर चोरी कर संजीव दत्ता और अमरजीत उर्फ बंटी को बेचने की बात सामने आई।

इसके करीब डेढ़ महीने बाद धनसुली स्थित ईंट-भट्ठे से दूसरा ट्रैक्टर चोरी किया गया। इसे जोरा बाजार के पास खड़ा करने के बाद संजीव दत्ता के जरिए भोरिंग, तुमगांव निवासी दिनेश कुमार टंडन को दिया गया।

पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और चोरी के वाहनों को खपाने वाले नेटवर्क के संबंध में भी पूछताछ कर रही है।

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