
जगदलपुर,21 अगस्त 2026
जनजातीय समाज के इतिहास, संस्कृति, परंपराओं और प्रथागत कानूनों के संरक्षण एवं अध्ययन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान, रायपुर द्वारा प्रकाशित जनजातीय समाज से संबंधित महत्वपूर्ण पुस्तकों का संग्रह सर्व आदिवासी समाज, बस्तर संभाग कार्यालय को प्रदान किया गया।
यह पहल कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी आकाश छिकरा के प्रयासों तथा नगर पालिक निगम जगदलपुर के महापौर संजय पाण्डे और आयुक्त प्रवीण कुमार वर्मा के सहयोग एवं सौजन्य से संपन्न हुई।
प्रदान की गई पुस्तकों में जनजातीय प्रथागत कानून, मोनोग्राफ अध्ययन और मानवशास्त्रीय अध्ययन से संबंधित महत्वपूर्ण सामग्री शामिल है। इनमें जनजातीय समाज की सामाजिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं, रीति-रिवाजों, प्रथाओं, जीवन-पद्धति, सामाजिक संरचना और मानवशास्त्रीय विशेषताओं पर आधारित अध्ययन सामग्री उपलब्ध है।
इन पुस्तकों को जनजातीय समाज के विद्यार्थियों, युवाओं, शोधार्थियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और समाज के पदाधिकारियों के लिए उपयोगी और ज्ञानवर्धक बताया गया है। विशेष रूप से जनजातीय समाज के प्रथागत कानूनों और पारंपरिक सामाजिक व्यवस्था को समझने, उनके संरक्षण और गहन अध्ययन की दिशा में यह साहित्य महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इस महत्वपूर्ण पहल के लिए सर्व आदिवासी समाज, बस्तर संभाग के अध्यक्ष प्रकाश ठाकुर, बस्तर संभाग घुरवा समाज के अध्यक्ष पप्पू नाग सहित समाज के पदाधिकारियों और सामाजिक प्रतिनिधियों ने कलेक्टर आकाश छिकरा, महापौर संजय पाण्डे और आयुक्त प्रवीण कुमार वर्मा के प्रति आभार व्यक्त किया।
समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि जनजातीय समाज के इतिहास, संस्कृति, परंपरा, प्रथागत कानून और सामाजिक व्यवस्था से संबंधित प्रमाणिक साहित्य को समाज तक पहुंचाना नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत, पहचान और अधिकारों के प्रति जागरूक करने की दिशा में एक सराहनीय और महत्वपूर्ण पहल है।




