
जगदलपुर,6 अगस्त 2026
बस्तर लोकसभा सांसद महेश कश्यप ने नई दिल्ली में केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम से मुलाकात कर बस्तर के जनजातीय विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र की आवश्यकताओं और संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए विस्तृत मांग पत्र सौंपा तथा विभिन्न प्रस्तावों पर शीघ्र कार्रवाई का आग्रह किया।
सांसद महेश कश्यप ने आड़ावाल स्थित ट्राईफेड प्रोसेसिंग प्लांट का मुद्दा प्रमुखता से उठाते हुए बताया कि करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित यह संयंत्र वर्षों से बंद पड़ा है, जिससे स्थानीय जनजातीय संग्राहकों, महिला स्व-सहायता समूहों, वन धन विकास केंद्रों और वनोपज सहकारी समितियों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने प्लांट को पुनः प्रारंभ कर आधुनिक संसाधनों से सुसज्जित करने तथा वनोपज आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने की मांग की।
सांसद ने लघु वनोपज के संग्रहण, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और विपणन के लिए आधुनिक इकाइयों की स्थापना, जनजातीय युवाओं के लिए कौशल विकास, स्वरोजगार एवं उद्यमिता मिशन, राष्ट्रीय जनजातीय कौशल एवं उद्यमिता उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना तथा राष्ट्रीय आदिवासी सांस्कृतिक एवं शोध केंद्र शुरू करने का प्रस्ताव भी रखा।
इसके अलावा उन्होंने श्रीअन्न एवं वन आधारित उत्पादों की ब्रांडिंग और अंतरराष्ट्रीय विपणन, एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों में उच्च शिक्षा एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विशेष शैक्षणिक सहायता, जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं और पोषण कार्यक्रमों का विस्तार तथा प्रत्येक जनजातीय विकासखंड में वन धन विकास केंद्रों की स्थापना की मांग भी केंद्रीय मंत्री के समक्ष रखी।
महेश कश्यप ने कहा कि इन प्रस्तावों के क्रियान्वयन से बस्तर के जनजातीय समाज को रोजगार, स्वरोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक सशक्तिकरण के नए अवसर मिलेंगे तथा क्षेत्र के समग्र विकास को नई गति मिलेगी।
केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम ने सांसद द्वारा प्रस्तुत मांगों पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन देते हुए संबंधित विषयों की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही।






