छत्तीसगढ़ की नदियों में बढ़ा प्रदूषण, 30 हजार से अधिक मामले दर्ज, रायपुर में 17,371 प्रकरण सामने आए

रायपुर,6 अक्टूबर 2026
छत्तीसगढ़ में नदियों के बढ़ते प्रदूषण ने चिंता बढ़ा दी है। जुलाई 2026 की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में नदियों को प्रदूषित करने के 30 हजार से अधिक प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इनमें रायपुर 17,371 मामलों के साथ सबसे ऊपर है।
जलशक्ति मंत्रालय को भेजी गई रिपोर्ट में रायगढ़, बिलासपुर और कोरबा सहित कई जिलों में भी नदी प्रदूषण की स्थिति सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक रायगढ़ में 6,520, बिलासपुर में 3,729 और कोरबा में 1,204 मामले दर्ज किए गए हैं।
रायपुर में सबसे ज्यादा प्रदूषण का दबाव
रायपुर में बढ़ती आबादी और तेजी से फैलते शहरी क्षेत्र के साथ नालियों और सीवरेज से निकलने वाले गंदे पानी का दबाव जलस्रोतों पर बढ़ रहा है। उपलब्ध निकायवार आंकड़ों में रायपुर में सबसे अधिक मामले दर्ज किए गए हैं।
छोटे शहर भी प्रदूषण की चपेट में
नदी प्रदूषण की समस्या केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। धमतरी में 594 और कांकेर में 514 मामले दर्ज हुए हैं। वहीं नवापारा में 159, राजिम में 151 और सिमगा में 68 प्रकरण सामने आए हैं।
रिपोर्ट के अनुसार प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों में सीवरेज, नालियों का गंदा पानी, घरेलू अपशिष्ट और औद्योगिक कचरा शामिल हैं। रायपुर में सीवरेज और नालियों का पानी प्रमुख कारण बताया गया है, जबकि रायगढ़ और कोरबा में औद्योगिक अपशिष्ट बड़ी वजह है।
कार्रवाई की तैयारी
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के मुख्य अभियंता राजेश शर्मा के अनुसार, NGT के दिशा-निर्देशों के तहत प्रदेश की नदियों की अद्यतन स्थिति की रिपोर्ट जलशक्ति मंत्रालय को भेजी गई है। उन्होंने बताया कि नदी प्रदूषण फैलाने वालों पर कार्रवाई के लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। निकायों के माध्यम से अब तक 30 हजार से अधिक मामलों में कार्रवाई की गई है।




