
जगदलपुर में कार्यकर्ताओं ने जताया आक्रोश, धार्मिक प्रतीकों के सम्मान और कार्रवाई की उठाई मांग
जगदलपुर 03 अगस्त 2026.
संसद परिसर में भगवा वस्त्र धारण कर किए गए कथित प्रदर्शन को लेकर विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल ने रविवार को जगदलपुर में विरोध प्रदर्शन किया। संगठन के कार्यकर्ताओं ने सांसद पप्पू यादव का पुतला दहन कर नारेबाजी की और इसे सनातन धर्म, साधु-संतों तथा भगवान श्रीराम की आस्था का कथित अपमान बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने कहा कि धार्मिक प्रतीकों और संत परंपरा का राजनीतिक प्रदर्शन या कथित उपहास करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं को आहत करने वाला है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की तथा भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने की अपील की।
विश्व हिंदू परिषद के जिला अध्यक्ष शंकर लाल गुप्ता ने कहा कि सनातन धर्म, भगवा ध्वज और साधु-संत भारतीय संस्कृति की पहचान हैं। उन्होंने कहा कि यदि इन प्रतीकों का अनादर किया जाता है तो विश्व हिंदू परिषद लोकतांत्रिक और संवैधानिक दायरे में रहकर उसका विरोध करती रहेगी।
जिला मंत्री नवीन देवांगन ने कहा कि भगवा त्याग, तपस्या और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है तथा इसकी गरिमा बनाए रखना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। जिला कोषाध्यक्ष सुरेंद्र तिवारी ने कहा कि साधु-संतों और भगवान श्रीराम के प्रति आस्था भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जिसका सम्मान हर परिस्थिति में होना चाहिए।
जिला संयोजक विष्णु ठाकुर ने कहा कि धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं के सम्मान की रक्षा के लिए संगठन सदैव प्रतिबद्ध रहेगा। उन्होंने सभी नागरिकों से सामाजिक सौहार्द बनाए रखते हुए देश की सांस्कृतिक विरासत के सम्मान की अपील की।
प्रदर्शन में शंकर लाल गुप्ता, नवीन देवांगन, सुरेंद्र तिवारी, प्रेम चालकी, विष्णु ठाकुर, उमेश राठौर, घनश्याम नाग, प्रतीक गुरु, जगदीश ठाकुर, अजय सिंह, शत्रुघ्न, सूरज पटनायक, अनिल राजपूत सहित विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल के बड़ी संख्या में पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
प्रदर्शन के समापन पर संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़े विषयों पर सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों को संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का परिचय देना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन भविष्य में भी लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात उठाता रहेगा और समाज में सौहार्द एवं सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के लिए कार्य करता रहेगा।




