बस्तर के लिए सांसद महेश कश्यप ने केंद्र को सौंपे चार अहम प्रस्ताव, जल जीवन मिशन और सिंचाई विकास पर दिया जोर

नई दिल्ली,28 जुलाई 2026
नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ भवन में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ के सांसदों और उपमुख्यमंत्री अरुण साव की उपस्थिति में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में बस्तर लोकसभा सांसद महेश कश्यप ने जल जीवन मिशन, पेयजल आपूर्ति, सिंचाई विकास एवं जल संरक्षण से जुड़े चार महत्वपूर्ण प्रस्ताव केंद्रीय मंत्री को सौंपे। उन्होंने बस्तर की भौगोलिक एवं जनजातीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए क्षेत्र के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने का आग्रह किया।
सांसद महेश कश्यप ने बताया कि बस्तर, कोंडागांव, नारायणपुर, कांकेर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा जिलों में जल जीवन मिशन के अंतर्गत कई कार्य अब भी अधूरे हैं। कई स्थानों पर ओवरहेड टैंक बन चुके हैं, लेकिन पाइपलाइन और नल कनेक्शन नहीं जुड़े हैं। वहीं कई गांवों में अधोसंरचना तैयार होने के बावजूद नियमित पेयजल आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है, जिससे दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों के ग्रामीण आज भी पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं।
उन्होंने केंद्रीय मंत्री से जल जीवन मिशन के सभी कार्यों की उच्चस्तरीय तकनीकी एवं वित्तीय जांच, अधूरे कार्यों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों के विरुद्ध कार्रवाई, सभी लंबित परियोजनाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा करने, थर्ड पार्टी ऑडिट कराने तथा बस्तर के लिए विशेष मॉनिटरिंग मैकेनिज्म स्थापित करने की मांग की।
अपने दूसरे प्रस्ताव में सांसद ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत लंबित परियोजनाओं को प्राथमिकता देने, चेक डैम, स्टॉप डैम, एनीकट एवं लिफ्ट सिंचाई परियोजनाओं का विस्तार करने, लघु एवं मध्यम सिंचाई परियोजनाओं के लिए विशेष केंद्रीय सहायता तथा पुराने सिंचाई ढांचों के आधुनिकीकरण हेतु अतिरिक्त वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।
सांसद ने इंद्रावती नदी बेसिन समग्र विकास परियोजना को स्वीकृति देने का भी आग्रह किया। उन्होंने जलग्रहण क्षेत्र विकास, वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण, नदी तट संरक्षण, पारंपरिक जल स्रोतों के पुनर्जीवन तथा जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण के लिए विशेष केंद्रीय सहायता उपलब्ध कराने की मांग रखी।
अपने चौथे प्रस्ताव में महेश कश्यप ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत तैयार हो चुकी पेयजल योजनाओं को शीघ्र शुरू कराने, जहां अधोसंरचना तैयार है वहां नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने, सौर ऊर्जा आधारित पेयजल योजनाओं को प्राथमिकता देने तथा ग्राम पंचायतों को संचालन एवं रखरखाव के लिए आवश्यक वित्तीय एवं तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने का आग्रह किया।
सांसद महेश कश्यप ने कहा कि बस्तर की विषम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए केंद्र सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विशेष दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि इन प्रस्तावों के क्रियान्वयन से हर ग्रामीण परिवार तक सुरक्षित पेयजल पहुंचेगा तथा सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से क्षेत्र के किसानों को व्यापक लाभ मिलेगा।









