छत्तीसगढ़ कांग्रेस में 20 निष्कासित नेताओं की घर वापसी : बृहस्पति सिंह और जोगी परिवार समेत 16 मामलों पर फैसला अभी बाकी

रायपुर, 20 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) ने संगठन में निष्कासित नेताओं और कार्यकर्ताओं की वापसी की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रदेश कांग्रेस अनुशासन समिति की बैठक के बाद अलग-अलग जिलों के 20 नेताओं और कार्यकर्ताओं का निष्कासन रद्द कर दिया गया है।
पार्टी की ओर से जारी आदेश के अनुसार, संबंधित नेताओं का निष्कासन तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया है। वहीं पूर्व विधायक बृहस्पति सिंह, डॉ. रेणु जोगी और अमित जोगी समेत 16 नेताओं के मामलों पर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।
18 सितंबर की बैठक के बाद लिया गया फैसला
प्रदेश कांग्रेस अनुशासन समिति की 18 सितंबर को बैठक हुई थी। इसमें पार्टी से निष्कासित कुल 36 नेताओं और कार्यकर्ताओं की वापसी के आवेदनों पर चर्चा की गई। समिति के निर्णय के आधार पर रविवार को 20 नेताओं का निष्कासन रद्द करने का आदेश जारी किया गया।
प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी महामंत्री (संगठन एवं प्रशासन) मलकीत सिंह गैदू की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि अनुशासन समिति के निर्णय के अनुसार संबंधित नेताओं का निष्कासन तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाता है।
किन जिलों के नेताओं की हुई वापसी?
पहली सूची में रायपुर, मुंगेली, गरियाबंद, कोंडागांव और राजनांदगांव जिले के नेताओं और कार्यकर्ताओं को शामिल किया गया है।
वापसी पाने वालों में आनंद कुकरेजा, पूनम पांडेय, विशाल रजानी, विनय चोपड़ा, गोरेलाल सिन्हा, राघोवा महाड़िक, भविष्य प्रधान, ऋतिक सिन्हा, भानुप्रताप साहू, सुशील सोनी, सगीर खान, सिद्धार्थ डोंगरे, राजेश गुप्ता, जितेश सिमनकर, सकूर चौहान, सुनीता सिन्हा, आशीष सोनकर, शशांक डोंगरे, श्यामबती सिन्हा और अंजू बंजारे के नाम शामिल हैं।
बृहस्पति सिंह की वापसी पर फैसला बाकी
रामानुजगंज विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक बृहस्पति सिंह ने भी कांग्रेस में वापसी के लिए आवेदन किया है। उन्होंने पार्टी को माफीनामा भेजकर दोबारा संगठन में शामिल किए जाने का अनुरोध किया था।
वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने के बाद बृहस्पति सिंह ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ बयान दिए थे। इसके बाद उन पर पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप लगे और उन्हें छह वर्ष के लिए कांग्रेस से निष्कासित किया गया था।
जोगी परिवार के मामलों पर भी निर्णय लंबित
पूर्व विधायक डॉ. रेणु जोगी और अमित जोगी की वापसी के आवेदनों पर भी अनुशासन समिति ने चर्चा की, लेकिन दोनों मामलों को फिलहाल लंबित रखा गया है। संबंधित मामलों में जिला कांग्रेस कमेटियों से भी अभिमत मांगा गया है।
जनता कांग्रेस के विलय का मामला भी अटका
जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के कांग्रेस में विलय का मामला भी फिलहाल लंबित है। पार्टी के अनुसार, यह मामला सीधे तौर पर संगठन के विलय से जुड़ा है, इसलिए इस पर प्रदेश प्रभारी सुखदेव भगत और कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से विचार-विमर्श के बाद निर्णय लिया जाएगा।
कांग्रेस अनुशासन समिति के अध्यक्ष धनेन्द्र साहू के अनुसार, शीर्ष नेतृत्व ही जोगी कांग्रेस के विलय से जुड़े मामले पर अंतिम निर्णय ले सकता है।
संगठन को मजबूत करने की कवायद
निष्कासित नेताओं की वापसी की प्रक्रिया को कांग्रेस के संगठनात्मक स्तर पर चल रही कवायद से जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, जिन मामलों में जिला कांग्रेस कमेटियों से राय मांगी गई है, उन पर अभिमत मिलने के बाद आगे निर्णय लिया जा सकता है।



