कारगिल विजय दिवस पर उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा का संदेश: 2047 के विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका सबसे अहम

रायपुर, 27 जुलाई 2026
पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर में कारगिल विजय दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने कारगिल युद्ध के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए देश की आंतरिक और बाह्य सुरक्षा, युवाओं की जिम्मेदारी तथा विकसित भारत 2047 के संकल्प पर अपने विचार व्यक्त किए।
मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि 26 जुलाई 1999 को ऑपरेशन विजय के तहत भारतीय सेना ने दुश्मनों को परास्त कर देश की सीमाओं की रक्षा की थी। उन्होंने कहा कि कारगिल विजय केवल सैन्य सफलता नहीं, बल्कि भारत के स्वाभिमान, साहस और अदम्य वीरता की प्रतीक है। उन्होंने वीर नारियों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के प्रति आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि सच्ची राष्ट्रभक्ति केवल नारों तक सीमित नहीं है, बल्कि समय की पाबंदी, ईमानदारी, जरूरतमंदों की सहायता, जल एवं पर्यावरण संरक्षण, तथा ‘एक पेड़ माँ के नाम’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ जैसे अभियानों को जीवन में अपनाने से भी प्रकट होती है।
डिजिटल युग की चुनौतियों का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि बिना सत्यापन के फर्जी संदेशों का प्रसार सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाता है। उन्होंने नीट (NEET) परीक्षा विवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि शैक्षणिक संस्थानों का माहौल बिगाड़ने वाले असामाजिक और बाहरी तत्वों पर कड़ी निगरानी रखी जानी चाहिए। साथ ही, सभी महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में शांति, सुरक्षा और सुचारू शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के ‘समृद्ध छत्तीसगढ़’ के संकल्प को साकार करने में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने उच्च शिक्षा संस्थानों से विद्यार्थियों में राष्ट्रबोध, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, कौशल, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने का आह्वान किया। साथ ही, महाविद्यालयों में वीर सैनिकों के सम्मान में नियमित संगोष्ठी और प्रदर्शनियों के आयोजन की भी अपील की।
कार्यक्रम में हेमचंद यादव विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. एन. पी. दीक्षित, वरिष्ठ शिक्षाविद् प्रो. टी. एल. वर्मा, पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सच्चिदानंद शुक्ल, कुलसचिव डॉ. शैलेन्द्र पटेल सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक, शोधार्थी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।




