प्रदेश में जल संरक्षण बना जनआंदोलन: सीएम विष्णु देव साय के नेतृत्व में ‘मोर गांव-मोर पानी’ अभियान को मिली नई गति

रायपुर, 12 जुलाई 2026
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में VB-G RAM-G (विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन) के तहत प्रदेशभर में जल संरक्षण, रोजगार सृजन, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन और हरित विकास के कार्यों को तेज गति से आगे बढ़ाया जा रहा है। ‘मोर गांव-मोर पानी’ अभियान के माध्यम से जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप दिया जा रहा है।
इसी क्रम में मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले के जनपद पंचायत खड़गवां अंतर्गत ग्राम पंचायत बरदर में ‘मोर गांव-मोर पानी’ जनभागीदारी कार्यक्रम और ‘एक पेड़ मां के नाम’ वृहद वृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ किया गया।
कार्यक्रम में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने पौधरोपण किया और स्वयं कंटूर ट्रेंच की खुदाई कर जल संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण केवल वर्तमान की आवश्यकता नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने ग्रामीणों से अधिक से अधिक जनभागीदारी के साथ अभियान को सफल बनाने की अपील की।
ग्राम पंचायत बरदर में 52 एकड़ क्षेत्र में समेकित जल संरक्षण एवं हरित विकास मॉडल विकसित किया जा रहा है। इसमें 30 एकड़ क्षेत्र में कंटूर ट्रेंच और अन्य जल संरक्षण कार्यों के माध्यम से वर्षाजल संग्रहण एवं भू-जल संवर्धन की व्यवस्था की गई है, जबकि 22 एकड़ क्षेत्र में लगभग 2,000 फलदार एवं अन्य पौधों का रोपण शुरू किया गया है।
सरकार के अनुसार, ‘मोर गांव-मोर पानी’ अभियान के तहत किए गए कार्यों से इस क्षेत्र में लगभग 200 लाख लीटर भू-जल रिचार्ज क्षमता विकसित हुई है। इससे भविष्य में सिंचाई, पेयजल उपलब्धता, कृषि उत्पादकता और पर्यावरण संरक्षण को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।
राज्य सरकार का उद्देश्य VB-G RAM-G के माध्यम से प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों को जल-सुरक्षित, हरित और आत्मनिर्भर बनाना है। इसके लिए जल संरक्षण, वृक्षारोपण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, ग्रामीण अधोसंरचना निर्माण और आजीविका संवर्धन के कार्यों को प्राथमिकता के साथ संचालित किया जा रहा है।




