
कोण्डागांव, 9 जुलाई 2026
फरसगांव और केशकाल पुलिस ने लोन दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों को अंबिकापुर, जशपुर और सारंगढ़ से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उनके कब्जे से मोबाइल फोन, चेक बुक, पासबुक, एटीएम कार्ड तथा ठगी से जुड़े रजिस्टर और दस्तावेज भी जब्त किए हैं।
पुलिस के अनुसार, फरसगांव निवासी संजय कोडोपी की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया कि गिरोह ने अलग-अलग गांवों में करीब 2 करोड़ रुपये की ठगी की है। जांच में सामने आया कि आरोपी कई वर्षों से संगठित तरीके से बैंक लोन के नाम पर धोखाधड़ी कर रहे थे।
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी शिवशंकर दास, दिलीप सोनी, श्यामसुन्दर जांगड़े सहित उनके अन्य साथियों ने 40-60 मल्टीपल बैंक लोन योजना का झांसा देकर मुख्य रूप से शिक्षकों को अपना शिकार बनाया। आरोपियों ने पीड़ितों को यह विश्वास दिलाया कि उन्हें मिलने वाले लोन का 40 प्रतिशत हिस्सा उनके पास रहेगा, जबकि 60 प्रतिशत राशि आरोपी अपने खातों में ले लेंगे और पूरे लोन की ईएमआई 2 से 3 वर्षों में स्वयं जमा कर देंगे।
आरोपियों ने आधार कार्ड, पैन कार्ड, सैलरी स्लिप और अन्य दस्तावेजों के आधार पर विभिन्न बैंकों से एक ही समय में कई पर्सनल लोन स्वीकृत करवाए। इसके बाद लोन की अधिकांश राशि अपने और अपने सहयोगियों के खातों में ट्रांसफर करवा ली। इस पूरी साजिश में कुछ लोन एजेंटों और बैंक कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक पंकज चन्द्रा के निर्देशन तथा एसडीओपी अभिनव उपाध्याय और एसडीओपी अरुण नेताम के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने लगभग तीन महीने तक बैंक खातों, लोन दस्तावेजों और लेन-देन का गहन विश्लेषण किया, जिसके बाद आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी की गई।
पुलिस ने बताया कि आरोपी लगातार ठिकाने बदलकर गिरफ्तारी से बचने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन तकनीकी विश्लेषण, मोबाइल लोकेशन और बैंक खातों की जांच के आधार पर उन्हें धर-दबोचा गया। गिरफ्तार आरोपियों में दिलीप सोनी और अंशुमान सिंह को अंबिकापुर, सारंगढ़ और जशपुर से पकड़ा गया, जबकि शिवशंकर दास को अंबिकापुर जेल से प्रोडक्शन वारंट के जरिए गिरफ्तार कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।




