
जगदलपुर, 11 जून 2026
बस्तर मुख्यालय जगदलपुर में पुरुषोत्तम मास के अवसर पर आयोजित हरिहर महायज्ञ श्रद्धा, भक्ति और सनातन परंपराओं का भव्य संगम बन गया है। महायज्ञ अब अपने आध्यात्मिक शिखर की ओर अग्रसर है, जहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु मंदिर परिसर पहुंचकर विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागी बन रहे हैं।
महायज्ञ के छठवें दिन 12 पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण कर विधि-विधान से विशेष अभिषेक और पूजन किया गया। वहीं भूतेश्वर महादेव के समक्ष आयोजित लक्ष बिल्वार्चना अनुष्ठान में सवा लाख बेलपत्र अर्पित कर भगवान शिव की आराधना की गई। सुबह से शुरू हुए धार्मिक कार्यक्रम देर शाम तक जारी रहे और पूरे परिसर में हर-हर महादेव के जयघोष गूंजते रहे।
आयोजकों के अनुसार महायज्ञ का उद्देश्य विश्व शांति, मानव कल्याण और सनातन संस्कृति के संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाना है। एकादशी के अवसर पर भगवान विष्णु की लक्ष तुलसी अर्चना का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सवा लाख तुलसी दल अर्पित कर विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी।
महायज्ञ की पूर्णाहुति 12 जून को ब्राह्मण भोजन एवं अखंड हरिनाम संकीर्तन के साथ संपन्न होगी। इसके बाद 13 जून को विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और सामाजिक समरसता का प्रतीक बना यह आयोजन इन दिनों पूरे बस्तर अंचल में चर्चा का विषय बना हुआ है।




