मोहलई में ईसाई महिला के अंतिम संस्कार पर विवाद, ग्रामीणों के विरोध के बाद मसीही कब्रिस्तान में हुआ दफन

बकावंड। ग्राम पंचायत मोहलई में ईसाई मतांतरित महिला फूलमनी बघेल के अंतिम संस्कार को लेकर रविवार को विवाद की स्थिति निर्मित हो गई। परिवार द्वारा माहरा समाज के पारंपरिक मुक्तिधाम में ईसाई रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार की तैयारी किए जाने पर ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने कड़ा विरोध जताया। बाद में बैठक और समझाइश के बाद शव को ईसाई कब्रिस्तान ले जाकर दफनाया गया।
जानकारी के अनुसार, मोहलई निवासी फूलमनी बघेल के निधन के बाद परिजन ईसाई परंपरा के अनुसार अंतिम संस्कार करना चाहते थे। इसके लिए गांव के पारंपरिक मुक्तिधाम के उपयोग की तैयारी की जा रही थी। इसकी जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने आपत्ति जताई और गांव में आपात बैठक बुलाई गई। बैठक में ग्रामीणों के साथ विभिन्न सामाजिक संगठनों तथा विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
बैठक में ग्रामीणों ने कहा कि मुक्तिधाम का उपयोग वर्षों से पारंपरिक सनातन रीति-रिवाजों के अनुसार होता आया है और इसकी परंपरा को बनाए रखना आवश्यक है। सामाजिक प्रतिनिधियों ने इसे संस्कृति और परंपरा से जुड़ा विषय बताया।
बजरंग दल विभाग संयोजक सिकंदर कश्यप ने कहा कि स्थानीय परंपराओं और धार्मिक मान्यताओं से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। वहीं माहरा समाज के पदाधिकारी घनश्याम नाग ने कहा कि समाज के मुक्तिधाम का उपयोग तय सामाजिक परंपराओं के अनुरूप ही होना चाहिए।
विहिप बस्तर प्रखंड अध्यक्ष विवेक शुक्ला ने भी सनातन और जनजातीय परंपराओं की रक्षा की बात कही। विवाद बढ़ने की स्थिति को देखते हुए अंततः परिवार ने निर्णय बदलते हुए शव को निर्धारित ईसाई कब्रिस्तान ले जाकर ईसाई रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार किया।
इस दौरान ग्राम सभापति श्याम सुंदर बघेल, उपसरपंच सनत बघेल, बनसाय कश्यप, तुलसी मौर्य, दीपक मौर्य, राजू मौर्य, लखमू, सम्पत, कलीच, सोनूराम बघेल, लखेश्वर यादव, सोमारुराम कश्यप, कमलोचन मौर्य, होमेश राठौर और सनी रैली सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।




