दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला: ‘मेरा भारत, मेरा योगदान’ अभियान शुरू, WFH और ‘नो व्हीकल डे’ लागू

नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने प्रधानमंत्री की अपील के बाद “मेरा भारत, मेरा योगदान” अभियान की शुरुआत करते हुए कई बड़े फैसलों का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह अभियान 15 मई से अगले 90 दिनों तक चलाया जाएगा, जिसका उद्देश्य ईंधन बचत, ऊर्जा संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण है।
सरकार के मुताबिक अब सरकारी कर्मचारियों को सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम (WFH) की सुविधा मिलेगी। साथ ही निजी कंपनियों और कॉरपोरेट संस्थानों से भी कर्मचारियों को दो दिन घर से काम कराने की अपील की गई है।
अभियान के तहत बड़े फैसले
- सरकारी कर्मचारियों को सप्ताह में 2 दिन WFH
- दिल्ली सरकार की 50% बैठकें ऑनलाइन होंगी
- “नो व्हीकल डे” मनाने की अपील
- हर सोमवार “मेट्रो मंडे” के रूप में मनाया जाएगा
- सरकारी कर्मचारियों का ट्रांसपोर्ट अलाउंस 10% बढ़ेगा
- सरकारी दफ्तरों में AC का तापमान 24-26 डिग्री रहेगा
- सरकारी कार्यक्रमों और विदेशी दौरों पर रोक
- अधिकारियों के तेल उपयोग में 20% कटौती
- कार पूलिंग और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा
सार्वजनिक परिवहन और EV पर जोर
सरकार ने 29 कॉलोनियों में 58 नई फीडर बसें चलाने का ऐलान किया है ताकि लोग निजी वाहनों की बजाय मेट्रो और बसों का ज्यादा इस्तेमाल करें। साथ ही जल्द नई EV पॉलिसी लागू करने की तैयारी भी पूरी कर ली गई है।
सरकारी परिसरों में इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा और सरकारी वाहन बेड़े को धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक वाहनों में बदला जाएगा।
‘नो कार डे’ और ऑनलाइन मीटिंग्स
लोक निर्माण विभाग, दिल्ली जल बोर्ड और बाढ़ एवं सिंचाई विभाग ने सप्ताह में एक दिन “नो कार डे” लागू करने का फैसला लिया है। इस दिन कर्मचारी निजी कारों का इस्तेमाल नहीं करेंगे।
अनावश्यक यात्रा रोकने के लिए विभागों को ज्यादा से ज्यादा मीटिंग्स ऑनलाइन करने के निर्देश दिए गए हैं।
विदेशी यात्राओं और भव्य आयोजनों पर रोक
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए दिल्ली सरकार के मंत्री और अधिकारी विदेशी यात्रा नहीं करेंगे। पहले से तय सरकारी विदेशी दौरे भी रद्द कर दिए गए हैं।
इसके अलावा अब सरकार कोई बड़ा भव्य सरकारी आयोजन भी नहीं करेगी।
‘मेड इन India’ को बढ़ावा
दिल्ली सरकार ने मॉल्स में “मेड इन इंडिया” उत्पादों के लिए विशेष कॉर्नर बनाने की घोषणा की है। सरकार खुद भी 100 प्रतिशत भारतीय उत्पादों को प्राथमिकता देगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छोटे-छोटे प्रयास भी देशहित में बड़ा बदलाव ला सकते हैं और ऊर्जा संरक्षण को जन आंदोलन बनाना समय की जरूरत है।




