“खुड़खुड़ी” जुए का काला खेल: वीडियो बनाने पर युवक को बंधक बनाकर बेरहमी से पिटाई, पुलिस पर संरक्षण के आरोप

“माकड़ी क्षेत्र में बेखौफ अवैध जुआ, विरोध करने वालों को बनाया जा रहा निशाना; आईजी ने दिए जांच के निर्देश,
“डमरू कश्यप”
बस्तर/कोंडागांव, 02 मई 2026, 📝 जिले के माकड़ी ब्लॉक अंतर्गत ग्राम शोहंगा में अवैध “खुड़खुड़ी” जुए का कारोबार खुलेआम संचालित होने का मामला सामने आया है। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि इस गैरकानूनी गतिविधि का विरोध करने वालों को अब हिंसा का सामना करना पड़ रहा है।
ताजा घटना में पीड़ित युवक महेंद्र पांडे ने बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुन्दराज पी को दिए आवेदन में गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित के अनुसार, 30 अप्रैल 2026 को वह क्षेत्र में चल रहे जुए का वीडियो बना रहा था, तभी जुआ संचालकों और उनके सहयोगियों ने उसे पकड़ लिया।
आरोप है कि आरोपियों ने युवक के साथ गाली-गलौज करते हुए उसकी बेरहमी से पिटाई की और उसे रातभर बंधक बनाकर रखा। इस दौरान उसका मोबाइल फोन भी छीन लिया गया और उसमें मौजूद जुए से जुड़े वीडियो, फोटो सहित महत्वपूर्ण डेटा को मिटा दिया गया। युवक को सुबह तक बंधक बनाकर रखने के बाद छोड़ा गया।
🚨!पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल!
इस घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों और पीड़ित ने माकड़ी एवं अनंतपुर थाना क्षेत्र की पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि पुलिस को लंबे समय से इस अवैध जुए की जानकारी थी, इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
,ऐसे में यह संदेह गहराता जा रहा है कि कहीं इस अवैध कारोबार को संरक्षण तो नहीं मिल रहा।,
⚠️ युवाओं का भविष्य दांव पर
ग्रामीणों का कहना है कि “खुड़खुड़ी” जुए का यह खेल लंबे समय से क्षेत्र में चल रहा है, जिससे विशेषकर युवा वर्ग बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। कई परिवार आर्थिक और सामाजिक संकट में फंस चुके हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी अब तक चुप्पी साधे हुए हैं।
📌! पीड़ित की प्रमुख मांगें:
•अवैध जुए पर तत्काल पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए
•मारपीट और बंधक बनाने वाले आरोपियों पर सख्त कार्रवाई हो
•छीने गए मोबाइल की बरामदगी कर फॉरेंसिक जांच कराई जाए
•पुलिस की भूमिका की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई हो
🗣️,आईजी का बयान:
इस मामले में बस्तर रेंज के आईजी सुन्दराज पी ने पीड़ित के आवेदन पर संज्ञान लेते हुए मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की बात कही है।
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अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले में कितनी निष्पक्षता और तत्परता के साथ कार्रवाई करता है। क्या बस्तर में कानून का राज स्थापित होगा या अवैध जुए का यह काला साम्राज्य यूं ही फलता-फूलता रहेगा—यह सवाल फिलहाल आम जनता के बीच बना हुआ है।




