मनरेगा मजदूरों का भुगतान अटका: 3-4 महीने से नहीं मिली मजदूरी, कोसमी सरपंच नीलम कश्यप ने सरकार को घेरा; जल्द भुगतान नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी

बकावंड , 22 अप्रैल 2026| ग्राम पंचायत कोसमी की सरपंच नीलम कश्यप ने मनरेगा मजदूरों के लंबित भुगतान को लेकर सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पिछले तीन-चार महीनों से मजदूरों को उनकी मेहनत की मजदूरी नहीं मिल पाई है, जिससे गरीब परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
सरपंच ने कहा कि पहले मनरेगा योजना अपने पुराने स्वरूप में बेहतर तरीके से संचालित हो रही थी और मजदूरों को समय पर भुगतान मिलता था। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की स्थिति मजबूत थी, लेकिन वर्तमान में योजना में किए गए बदलावों के कारण मजदूरों और ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
नीलम कश्यप ने बताया कि मनरेगा ग्रामीण भारत की रीढ़ रही है, जिससे गांव में ही रोजगार मिलता था और पलायन पर रोक लगती थी। लेकिन वर्तमान नीतियों के चलते योजना का उद्देश्य कमजोर होता दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि केवल नाम बदलने से समस्याओं का समाधान नहीं होगा, मजदूरों को समय पर उनका हक मिलना जरूरी है।
सरपंच ने सरकार से मांग की है कि मनरेगा योजना के पुराने स्वरूप को बहाल किया जाए और मजदूरों का बकाया भुगतान तुरंत जारी किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो गांव-गांव में आंदोलन किया जाएगा।




