
जगदलपुर: बस्तर सांसद महेश कश्यप ने बस्तर और पूरे देश में नक्सल मुक्त भारत का संकल्प पूरा करने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए बस्तर अब एक नई पहचान के साथ उभरेगा, जो पहले रेड कॉरिडोर के नाम से जाना जाता था।
महेश कश्यप ने बताया कि छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा पर नक्सलवाद ने लंबे समय तक रोड़ा डाला था, लेकिन अब केंद्र सरकार और छत्तीसगढ़ की साय सरकार के नेतृत्व में विकास की नई धारा प्रवाहित हो रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रयासों और केंद्र सरकार के सहयोग से प्रदेश की छवि वैश्विक स्तर पर मजबूती से उभरी है।
सांसद महेश कश्यप ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मार्च 2026 तक देश को माओवादी से मुक्त करने की समयसीमा तय की थी। शुरू में कुछ लोगों ने इस पर संदेह जताया, लेकिन केंद्र सरकार की दृढ़ नीतियों और जीरो टॉलरेंस के परिणाम अब सबके सामने हैं। उन्होंने बताया कि अमित शाह लगातार बस्तर आए और माओवादी समूहों को हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का आग्रह किया, जिसके परिणामस्वरूप 2,898 माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं और 2,000 नक्सली गिरफ्तार किए गए। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने भी बस्तर में लगातार दौरे किए और मुख्यधारा में लौटने के लिए माओवादी प्रयासों में सहयोग किया।
महेश कश्यप ने कहा कि न केवल माओवादी आत्मसमर्पण करने के लिए प्रेरित किए गए, बल्कि बस्तर के युवाओं को रोजगार के अवसर देने के लिए नई भर्ती प्रक्रिया भी शुरू की गई। युवाओं के कौशल विकास और उन्नयन पर भी जोर दिया गया है। बस्तर पंडुम और बस्तर ओलंपिक जैसे खेल आयोजन युवाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर दे रहे हैं।
सांसद ने कहा कि बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक समृद्धि अब दुनिया को अपनी ओर आकर्षित कर रही है। उन्होंने नक्सल मुक्त बस्तर और नक्सल मुक्त भारत के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का पुनः आभार व्यक्त किया।




