
जगदलपुर, 28 मार्च 2026:
बस्तर जिले के निजी स्कूलों में फीस को लेकर छात्रों के अधिकारों के साथ हो रही मनमानी ने चिंता बढ़ा दी है। कई स्कूलों में फीस जमा न होने पर बच्चों को परीक्षा में बैठने से रोका जा रहा है, उनका रिजल्ट रोक दिया जा रहा है और टी.सी. भी नहीं दी जा रही है। इससे बच्चों की मानसिक और भावनात्मक स्थिति पर नकारात्मक असर पड़ रहा है।
NSUI ने इस मामले पर कड़ा विरोध जताया है। NSUI जिला अध्यक्ष विशाल खम्बारी ने कहा, “शिक्षा के नाम पर इस प्रकार का व्यवहार पूरी तरह गलत और अस्वीकार्य है। निजी स्कूलों को यह समझना चाहिए कि उनका उद्देश्य बच्चों का भविष्य बनाना है, न कि फीस के दबाव में उन्हें शिक्षा से वंचित करना।”
उन्होंने आगे कहा कि फीस के कारण छात्रों को परीक्षा से रोकना, रिजल्ट या टी.सी. रोकना सीधे-सीधे शिक्षा के अधिकार का उल्लंघन है, जिसे किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
NSUI ने जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) से मांग की है कि इस तरह के मामलों को तुरंत संज्ञान में लिया जाए, शिकायतों की जांच की जाए और दोषी संस्थानों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही सभी छात्रों को बिना किसी भेदभाव के उनका शैक्षणिक अधिकार सुनिश्चित किया जाए।




