छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं को बड़ा बूस्ट: 6976 करोड़ की अनुदान मांगें पारित, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा कैशलेस इलाज; 300 नई एम्बुलेंस और 25 डायलिसिस सेंटर की तैयारी

रायपुर, 13मार्च 2026
Shyam Bihari Jaiswal ने कहा कि वे जीवन की रक्षा का संकल्प लेकर सेवा का दीप जलाने आए हैं और राज्य की स्वास्थ्य सेवाएं अब SANKALP मॉडल पर आधारित होंगी। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का हर नागरिक स्वस्थ रहे और इसके लिए स्वास्थ्य अधोसंरचना को तेजी से मजबूत किया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ विधानसभा में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा तथा अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभागों के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु 6,976 करोड़ 54 लाख रुपये से अधिक की अनुदान मांगें पारित की गईं।
मंत्री ने चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने के लिए SANKALP मॉडल लागू किया जाएगा, जिसमें सशक्त संस्थान, उत्कृष्ट अकादमिक गुणवत्ता, नवोन्मेषी अनुसंधान, क्लीनिकल दक्षता, आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं, जीवन रक्षक अधोसंरचना और पारदर्शी प्रबंधन शामिल होंगे।
कर्मचारियों को मिलेगी कैशलेस इलाज सुविधा
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि प्रदेश के शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए कैशलेस इलाज योजना शुरू की जाएगी। इसके लिए बजट में 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार
राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए कई बड़े फैसले लिए गए हैं। गंभीर बीमारियों के इलाज को सुलभ बनाने के लिए 25 नए डायलिसिस केंद्र स्थापित किए जाएंगे। वहीं सस्ती दवाइयों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए 50 जन औषधि केंद्रों का विस्तार किया जाएगा।
रायपुर में बनेगी अत्याधुनिक लैब
राजधानी Raipur में मध्य भारत की सबसे बड़ी इंटीग्रेटेड खाद्य एवं औषधि प्रयोगशाला स्थापित की जाएगी, जिसके लिए बजट में 95 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके शुरू होने से राज्य को जांच के लिए बड़े महानगरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और पड़ोसी राज्यों को भी लाभ मिलेगा।
नए अस्पताल और संस्थान
सरकार द्वारा स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए कई नई परियोजनाएं शुरू की जाएंगी।
- Bilaspur में स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट की स्थापना
- रायपुर में अत्याधुनिक कार्डियक इंस्टीट्यूट
- Ambikapur और Dhamtari में जिला अस्पतालों के नए भवन
- रायपुर के कालीबाड़ी क्षेत्र में 200 बिस्तरों का मातृ एवं शिशु अस्पताल
- Chirmiri में नया जिला अस्पताल
इसके साथ ही 300 नई एम्बुलेंस, 70 वेंटिलेटर युक्त एम्बुलेंस और नवजात शिशुओं के लिए 10 विशेष एम्बुलेंस खरीदी जाएंगी।
चिकित्सा शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा
मंत्री ने बताया कि चिकित्सा शिक्षा के लिए 2,000 करोड़ रुपये से अधिक का बजट रखा गया है। नए 5 शासकीय मेडिकल कॉलेज—दंतेवाड़ा, मनेन्द्रगढ़, जशपुर, जांजगीर-चांपा और कबीरधाम—के लिए 1,240 पद तथा संबद्ध अस्पतालों के लिए 500 पद स्वीकृत किए जाएंगे।
इसके अलावा रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, अंबिकापुर और जगदलपुर के मेडिकल कॉलेजों में छात्रावास निर्माण के लिए 83 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है।
आयुष और सामाजिक योजनाएं
आयुष विभाग के लिए 544 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। इसके तहत आयुर्वेद अस्पतालों और आयुष पॉलीक्लिनिक का उन्नयन किया जाएगा।
वहीं अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग के तहत 251 करोड़ 68 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अंतर्गत मुख्यमंत्री शिक्षा सहयोग योजना शुरू की जाएगी, जिससे पिछड़े वर्ग के विद्यार्थियों को निःशुल्क शिक्षा और आवासीय सुविधाएं मिलेंगी।
साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए CG-ACE योजना के तहत उड़ान, शिखर और मंजिल योजनाएं शुरू की जाएंगी।




