बस्तर की 44 नई ग्राम पंचायतों को केंद्र से ₹62.95 लाख: सांसद महेश कश्यप ने लोकसभा में उठाया मुद्दा, विकास को मिलेगी रफ्तार

बस्तर। बस्तर लोकसभा क्षेत्र के दूरस्थ वनांचलों और जनजातीय क्षेत्रों के विकास को लेकर सांसद महेश कश्यप ने संसद में अहम मुद्दा उठाया। नवनिर्मित ग्राम पंचायतों की स्थिति और उनके विकास के लिए वित्तीय सहायता को लेकर पूछे गए उनके तारांकित प्रश्न के जवाब में केंद्र सरकार ने बताया कि फरवरी 2025 में गठित बस्तर क्षेत्र की 44 नई ग्राम पंचायतों को बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए 15वें वित्त आयोग के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में ₹62,95,854 की राशि स्वीकृत की गई है।
पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह ने लोकसभा में जानकारी देते हुए बताया कि यह राशि टाइड और अनटाइड ग्रांट के रूप में सीधे ग्राम पंचायतों को दी जाएगी, जिससे गांवों में विकास कार्यों को गति मिलेगी और स्थानीय स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन में मजबूती आएगी।
लोकसभा में प्राप्त इस जवाब पर प्रतिक्रिया देते हुए सांसद महेश कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ सरकार बस्तर जैसे दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों के विकास के लिए निरंतर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि नई ग्राम पंचायतों को सीधे वित्तीय संसाधन मिलने से पेयजल, स्वच्छता, बारहमासी सड़कें, सामुदायिक भवन और आंगनबाड़ी केंद्रों जैसे बुनियादी ढांचे के विकास में तेजी आएगी।
सांसद ने कहा कि संसाधनों का यह सीधा हस्तांतरण ग्राम स्वराज की अवधारणा को मजबूत करेगा और स्थानीय स्वशासन को सशक्त बनाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि 15वें वित्त आयोग के माध्यम से छत्तीसगढ़ को अब तक ₹6,514.69 करोड़ की राशि प्राप्त हो चुकी है, जो प्रदेश और विशेषकर बस्तर के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
महेश कश्यप ने कहा कि बस्तर के दूरस्थ ग्रामीण और जनजातीय अंचलों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने विश्वास जताया कि इस वित्तीय सहायता से नवगठित ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों को नई गति मिलेगी और बस्तर के दूरस्थ गांव भी आधुनिकता व आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेंगे।




