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तेंदूपत्ता उद्योग को बड़ी राहत: आम बजट में TCS दर 5% से घटाकर 2%


,,वन मंत्री केदार कश्यप ने बताया ऐतिहासिक फैसला, कहा– व्यापार, रोज़गार और आदिवासी आजीविका को मिलेगा संजीवनी,,


जगदलपुर/रायपुर।केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत आम बजट में तेंदूपत्ता उद्योग से जुड़े लाखों लोगों के हित में एक ऐतिहासिक और जनहितकारी निर्णय लिया गया है। सरकार ने तेंदूपत्ता व्यापार पर लागू TCS (Tax Collected at Source) की दर को 5 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया है। इस फैसले से तेंदूपत्ता संग्राहकों, प्राथमिक सहकारी समितियों, लघु व्यापारियों और वन आधारित आजीविका से जुड़े परिवारों को सीधा और व्यापक लाभ मिलेगा।
इस निर्णय का स्वागत करते हुए प्रदेश के वन मंत्री  केदार कश्यप ने कहा कि यह फैसला तेंदूपत्ता उद्योग के लिए संजीवनी के समान है। उन्होंने इसे वनवासी, आदिवासी और श्रम आधारित अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
वन मंत्री केदार कश्यप ने इस जन-कल्याणकारी निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय दर्शाता है कि केंद्र सरकार देश के वन आश्रित समुदायों की आर्थिक मजबूती को लेकर पूरी तरह संवेदनशील और प्रतिबद्ध है।
TCS कटौती से होंगे ये बड़े लाभ
1. नकदी प्रवाह में सुधार
TCS दर घटने से तेंदूपत्ता व्यापार से जुड़े लोगों के पास अधिक नकदी उपलब्ध रहेगी, जिससे उनकी कार्यशील पूंजी मजबूत होगी और व्यापार संचालन सुगम बनेगा।
2. संग्राहकों और मजदूरों को सीधा लाभ
तेंदूपत्ता संग्रहण से जुड़े आदिवासी और वनवासी परिवारों को अब कम कर कटौती झेलनी पड़ेगी, जिससे उन्हें उनके श्रम का पूरा और उचित मूल्य मिल सकेगा।
3. छोटे व्यापारियों पर कर बोझ में कमी
पहले 5 प्रतिशत TCS छोटे व्यापारियों के लिए बड़ा आर्थिक दबाव था। अब 2 प्रतिशत TCS से व्यापार अधिक व्यवहारिक और लाभकारी होगा।
4. टैक्स रिफंड की जटिलता से राहत
कई संग्राहक और छोटे व्यापारी आयकर के दायरे में नहीं आते थे, लेकिन TCS कटौती के कारण उन्हें रिफंड प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था। दर कम होने से यह समस्या काफी हद तक समाप्त होगी।
5. वन आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा
यह निर्णय तेंदूपत्ता जैसे महत्वपूर्ण वन उत्पादों के व्यापार को प्रोत्साहित करेगा और ग्रामीण व आदिवासी अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान करेगा।
वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि यह बजट मानवीय, समावेशी और संवेदनशील सोच का परिचायक है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार का बजट केवल राजस्व बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि गरीब, आदिवासी, श्रमिक और वन आश्रित समुदायों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने की स्पष्ट प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

वन मंत्री केदार कश्यप ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण के प्रति पुनः आभार व्यक्त करते हुए कहा कि TCS में की गई यह कटौती तेंदूपत्ता उद्योग से जुड़े लाखों परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाली साबित होगी और वन आधारित आजीविका को एक नई दिशा देगी।

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