जगदलपुर में दिव्यांग छात्रों के अभिभावकों का प्रशिक्षण संपन्न, जागरूकता और आत्मनिर्भरता पर दिया गया जोर


जगदलपुर। राज परियोजना कार्यालय रायपुर के निर्देशानुसार एवं जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में समावेशी शिक्षा अंतर्गत 31 अक्टूबर 2025 को गृह आधारित खंड स्त्रोत कार्यालय जगदलपुर में दिव्यांग छात्रों के अभिभावकों हेतु एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ जिला मिशन समन्वयक अशोक पांडे के स्वागत के साथ हुआ। दिव्यांग बच्चों ने उन्हें पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया, वहीं पांडे ने भी बच्चों को पुष्प गुच्छ और चॉकलेट देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर विकासखंड जगदलपुर के खंड स्त्रोत समन्वयक राजेंद्र सिंह ठाकुर ने भी जिला मिशन समन्वयक का पुष्प गुच्छ से सम्मान किया।
अपने संबोधन में अशोक पांडे ने कहा कि “इस प्रशिक्षण में लक्ष्य से अधिक अभिभावकों की उपस्थिति यह दर्शाती है कि अभिभावकों में जागरूकता बढ़ रही है। दिव्यांग बच्चों को किसी भी बच्चे से कम न आंका जाए, उनमें भी भावनाएं और संवेदनाएं होती हैं। समाज को चाहिए कि ऐसे बच्चों के साथ समान व्यवहार करते हुए उन्हें शिक्षा, सामाजिक गतिविधियों और दैनिक जीवन में मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास करें ताकि वे आत्मविश्वासी और आत्मनिर्भर बन सकें।”
खंड स्त्रोत समन्वयक राजेंद्र सिंह ठाकुर ने अपने संबोधन में कहा कि आज के प्रशिक्षण में दिव्यांग बच्चों से संबंधित जानकारी और जिला संसाधन केंद्र में संचालित योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। शासन हमेशा ऐसे बच्चों और उनके अभिभावकों के सहयोग के लिए तत्पर रहता है।
प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनरों द्वारा दिव्यांग छात्रों के जीवन कौशल विकास, आवश्यक थेरेपी, दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया, तथा समग्र शिक्षा एवं समाज कल्याण विभाग की योजनाओं जैसे — दिव्यांग छात्रवृत्ति, बालिका शिष्यवृत्ति, परिवहन भत्ता, मार्ग रक्षण भत्ता आदि की जानकारी दी गई। साथ ही दिव्यांग छात्रों को दिए जाने वाले उपकरणों के रखरखाव की जानकारी भी साझा की गई।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को शैक्षणिक लर्निंग सहायक किट वितरित किए गए। प्रतिभागियों के लिए चाय-नाश्ता, भोजन एवं यात्रा देयक की भी व्यवस्था की गई। अभिभावकों ने इस प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी एवं सराहनीय बताया।
इस अवसर पर समावेशी शिक्षा प्रशिक्षण प्रभारी राजेश त्यागी, मास्टर ट्रेनर तेज मणि दास, सुरेश गुप्ता, वंदना जैन, चंद्रशेखर नायडू, अनीता मिश्रा, डॉ. मति उर रहमान, तथा सहयोगी स्टाफ अर्जुन कश्यप, मुकेश राणा, और निलीमा का विशेष योगदान रहा।




