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बस्तर दशहरा की परंपरा: मां मावली की डोली दंतेवाड़ा से रवाना, जगदलपुर में होगा भव्य स्वागत

जगदलपुर, सितम्बर 2025।
विश्व प्रसिद्ध 75 दिवसीय बस्तर दशहरा पर्व अब अपने महत्वपूर्ण पड़ाव की ओर अग्रसर है। इस पर्व की एक प्रमुख और प्राचीन रस्म “मावली परघाव” बुधवार को निभाई जाएगी।

परंपरा के अनुसार, दंतेवाड़ा से मां मावली की पवित्र छत्र और डोली जगदलपुर के लिए रवाना हो चुकी है। यह डोली बस्तर राजपरिवार की ओर से मां दंतेश्वरी को दिए गए निमंत्रण का प्रतीक मानी जाती है। परंपरा अनुसार, डोली मंगलवार रात को जगदलपुर पहुँचेगी और यहां प्रसिद्ध “जिया डेरा” में विश्राम करेगी।

इसके बाद, मां मावली की डोली आगे बढ़ेगी और कुटरूबाड़ा के निकट उनका भव्य स्वागत किया जाएगा। इस अवसर पर राजपरिवार, राजगुरु, जनप्रतिनिधि, पुजारीगण और हजारों श्रद्धालु मिलकर मां मावली की अगवानी करेंगे।

बस्तर दशहरा की यह रस्म क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर और आस्था का प्रतीक है, जो हर वर्ष श्रद्धालुओं के बीच विशेष उत्साह और भक्ति का वातावरण निर्मित करती है।

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