छत्तीसगढ़ में गुणवत्ताहीन सड़क निर्माण पर कार्रवाई, ठेकेदारों को 15 दिन और छह उप अभियंताओं को तीन दिन में देना होगा जवाब

रायपुर, 24 अक्टूबर 2026
छत्तीसगढ़ में सड़क निर्माण की गुणवत्ता और रखरखाव में लापरवाही के मामलों पर लोक निर्माण विभाग (PWD) ने सख्त रुख अपनाया है। शेरपार-मानपुर-कोहका सड़क के अधूरे और गुणवत्ताहीन निर्माण कार्यों तथा सड़क उखड़ने के मामले में विभाग ने दो ठेकेदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। दोनों ठेकेदारों से 15 दिनों के भीतर जवाब मांगा गया है।
राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र के अधिकारियों द्वारा किए गए निरीक्षण और निर्माण कार्यों की जांच के बाद यह कार्रवाई की गई है। जांच के दौरान सड़क निर्माण की गुणवत्ता, रखरखाव, सड़क सुरक्षा और निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य नहीं पाए जाने पर विभाग ने संबंधित ठेकेदारों को नोटिस जारी किया।
परफॉर्मेंस गारंटी के दौरान उखड़ी सड़क
शेरपार-मानपुर-कोहका सड़क अभी परफॉर्मेंस गारंटी अवधि में है। इसके बावजूद सड़क की सतह पर क्षति और रखरखाव में लापरवाही सामने आने पर विभाग ने संबंधित ठेकेदारों से जवाब तलब किया है। परफॉर्मेंस गारंटी अवधि में सड़क की गुणवत्ता और उसकी स्थिति बनाए रखना महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में सड़क के अधूरे निर्माण, गुणवत्ता में कमी और उखड़ी सतह को लेकर विभाग ने कार्रवाई की है।
छह उप अभियंताओं को भी कारण बताओ नोटिस
सड़क की खराब स्थिति और रखरखाव में लापरवाही के मामले में विभाग ने राष्ट्रीय राजमार्ग उप संभाग बालोद के सभी छह उप अभियंताओं को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इन अधिकारियों से तीन दिनों के भीतर अपना प्रतिवाद प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि अधिकारियों के जवाबों की समीक्षा की जाएगी। यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाते हैं, तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी।
निरीक्षण और जांच के बाद विभाग की कार्रवाई
राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र के अधिकारियों के निरीक्षण और जांच के आधार पर विभाग ने ठेकेदारों के साथ-साथ संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय करने की प्रक्रिया शुरू की है। इस कार्रवाई का उद्देश्य सड़क निर्माण में गुणवत्ता सुनिश्चित करना, निर्धारित मानकों का पालन कराना और सड़क के उचित रखरखाव को लेकर जिम्मेदारी तय करना है।
लोक निर्माण विभाग की इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता और रखरखाव में लापरवाही के मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है। अब ठेकेदारों और संबंधित अधिकारियों के जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।




