सोरगांव में खुशहाल जीवन की ओर कदम, आर्ट ऑफ लिविंग के हैप्पीनेस प्रोग्राम में सीखे तनावमुक्त रहने के गुर

बस्तर,24 अगस्त 2026
तेज रफ्तार जिंदगी, बढ़ते कामकाजी दबाव और रोजमर्रा की चुनौतियों के बीच मानसिक शांति और संतुलित जीवन का संदेश लेकर बस्तर के सोरगांव में आर्ट ऑफ लिविंग का छह दिवसीय हैप्पीनेस प्रोग्राम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में ग्रामीण युवाओं समेत किसान, मजदूर, डॉक्टर, शिक्षक, सरपंच और आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
व्यक्ति विकास केंद्र, बैंगलोर के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में कुल 31 प्रतिभागियों ने योग, ध्यान, प्राणायाम और विशेष श्वास तकनीकों का अभ्यास किया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को तनावपूर्ण परिस्थितियों में शांत और सकारात्मक बने रहने के साथ शरीर एवं मन के बीच बेहतर संतुलन स्थापित करने के लिए प्रेरित करना रहा।
योग, ध्यान और श्वास तकनीकों का प्रशिक्षण
आर्ट ऑफ लिविंग के शिक्षक टिकेंद्र पांडे और अनिता साहू ने प्रतिभागियों को विभिन्न योग एवं ध्यान विधियों के साथ श्वास अभ्यास कराया। वहीं सहयोगी शिक्षक रोमांसिंग पटेल, बेलाल ठाकुर और कार्तिक पटेल ने भी प्रशिक्षण में सहयोग किया।
सुदर्शन क्रिया रहा प्रमुख आकर्षण
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण सुदर्शन क्रिया रहा। लयबद्ध श्वास तकनीकों के माध्यम से प्रतिभागियों को मन को शांत रखने और भावनात्मक संतुलन बनाए रखने का अभ्यास कराया गया। छह दिवसीय कोर्स के समापन अवसर पर दिव्य सत्संग का आयोजन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और भक्ति के माहौल में झूमते नजर आए।
आयोजकों के अनुसार, आधुनिक जीवन में तनाव, पारिवारिक जिम्मेदारियों और कामकाजी दबाव के बीच योग, ध्यान और श्वास अभ्यास व्यक्ति को स्वयं के साथ जुड़ने तथा सकारात्मक सोच विकसित करने में मदद कर सकते हैं।
सोरगांव में आयोजित यह पहल ग्रामीण अंचल में स्वस्थ, संतुलित और खुशहाल जीवनशैली के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक सकारात्मक प्रयास के रूप में सामने आई।




