बस्तर में बदलाव की नई तस्वीर: नक्सलवाद छोड़ थामी किताब, 8 पूर्व नक्सलियों ने पास की 10वीं की परीक्षा

बस्तर,2 अक्टूबर 2026
बस्तर में नक्सल हिंसा से बाहर निकलकर सामान्य जिंदगी की ओर लौट रहे पूर्व नक्सलियों के जीवन में बदलाव की नई तस्वीर सामने आई है। आत्मसमर्पण कर चुके 8 पूर्व नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ ओपन स्कूल से 10वीं की परीक्षा पास की है। खास बात यह रही कि परीक्षा देने वाला एक भी परीक्षार्थी फेल नहीं हुआ।
इनमें ऐसे लोग भी शामिल हैं, जिन्होंने बचपन में स्कूल छोड़ दिया था और बाद में नक्सली संगठन से जुड़ गए। आत्मसमर्पण के बाद दोबारा पढ़ाई का मौका मिलने पर उन्होंने उम्र और बीते समय की परवाह किए बिना पढ़ाई शुरू की।
महाराष्ट्र के गढ़चिरौली की रहने वाली गीता नरोटे ने छठवीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। वर्ष 2004 में वह नक्सली संगठन से जुड़ीं और करीब दो दशक तक संगठन में रहीं। 25 अक्टूबर 2025 को आत्मसमर्पण के बाद उन्होंने दोबारा पढ़ाई शुरू की और 35 वर्ष की उम्र में 347 अंक हासिल कर प्रथम श्रेणी से 10वीं पास की। अब वह आगे पढ़ाई कर नर्सिंग के क्षेत्र में जाने और समाज सेवा करने की इच्छा रखती हैं।
वहीं संतोष आंचल वर्ष 2008 में संगठन से जुड़ा था और 2025 में आत्मसमर्पण किया। उसने 10वीं की परीक्षा में 308 अंक हासिल किए। अब वह 12वीं की पढ़ाई करना चाहता है और आगे खेती-बाड़ी या अपना कारोबार शुरू करने की योजना बना रहा है।
रामधर कश्यप उर्फ वीरू ने मार्च 2024 में आत्मसमर्पण किया था। संगठन में शामिल होने के बाद उसने जेल में रहते हुए चौथी कक्षा की परीक्षा दी थी। अधिकारियों की पहल पर उसने ओपन स्कूल की 10वीं परीक्षा की तैयारी की और 256 अंक हासिल कर सेकंड डिविजन से पास हुआ। अब वह आगे पढ़ाई के साथ खेती-किसानी और अपना काम करना चाहता है।
बस्तर संभाग में 10वीं की परीक्षा देने वाले 8 पूर्व नक्सलियों में बस्तर के 6, कांकेर के 1 और बीजापुर के 1 परीक्षार्थी शामिल हैं। आत्मसमर्पण के बाद इन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के लिए शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के अवसरों पर भी जोर दिया जा रहा है।




